28_10_2016-rahul-bhatnagar

लखनऊ । स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण डेंगू से लगातार हो रही मौतों पर सख्त हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष पेश होकर मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने गलती मान ली। सरकारी महकमों की ओर से हुई चूक स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि 48 अफसर चिन्हित कर लिये गए हैं, जिन्हें नियमानुसार कार्रवाई कर 15 दिन के भीतर निलंबित कर दिया जाएगा।
न्यायमूर्ति एपी शाही और न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय की खंडपीठ ने 25 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर यहां तक कह दिया था कि प्रदेश में सांविधानिक तंत्र विफल हो गया है। न्यायालय ने स्पष्टीकरण के लिए मुख्य सचिव को गुरुवार को तलब किया था। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुख्य सचिव राहुल भटनागर महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह व अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोडियाल और आइपी सिंह के साथ कोर्ट केसमक्ष पेश हुए।

मुख्य सचिव ने स्वयं ही आधे घंटे तक कोर्ट को राज्य सरकार की योजना के बारे में विस्तार से बताया, जिसके बाद न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को तय करते हुए कृत कार्यवाही का ब्यौरा तलब कर लिया। न्यायालय के सख्त रुख को देखते हुए मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ 15 दिन के भीतर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने न्यायालय को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आम नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशील है और इस विषय पर ठोस कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने न्यायालय को बताया कि राज्य सरकार ने एक हाई पावर कमेटी व एक टेक्निकल कमेटी बना दी है।

सरकार ने यह भी तय किया है कि वह केंद्र सरकार के फंड का इंतजार नहीं करेगी और स्वयं इन बीमारियों के इलाज व रोकथाम के लिए धन आवंटित करेगी। न्यायालय के यह पूछे जाने पर कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है, खिलाफ क्या किया जा रहा है, बताया कि 48 लापरवाह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जिस पर न्यायालय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा कि उन्हें अब तक निलंबित क्यों नहीं किया गया। इस पर मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि 15 दिन के भीतर नियमानुसार उनके खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की जाएगी।

 

 

मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने मानी गलती

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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