चेन्नई। वीके शशिकला को तमिलनाडु के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव सरकार बनाने का न्योता नहीं दे सकते हैं। कई सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि अब सुप्रीम कोर्ट में भ्रष्टाचार से संबंधित मामला लंबित होने के कारण राज्यपाल ने यह फैसला किया है। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रही, शशिकला के लिए यह तगड़ा झटका है।

माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामले को लेकर राज्यपाल इस नतीजे पर पहुंचे कि शशिकला को सरकार गठन के लिए न बुलाने में ही समझदारी है। राज्यपाल के इस फैसले से पन्नीरसेल्वम को कुर्सी के हटाने के बाद मुख्यमंत्री बनने की चाह देख रही शशिकला को यह बड़ा झटका लगा है। उन्होंने गृहमंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने यह माना कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला लंबित है। ऐसे में संदेह है कि शशिकला को मुख्यमंत्री बनने के बाद छह महीने के भीतर विधानसभा में निर्वाचित होने के लिए चुनाव लड़ने का मौका भी मिलेगा या नहीं। माना जा रहा है कि शशिकला के भ्रष्टाचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते अपना फैसला सुनाएगा। दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के साथ ही शशिकला पर भी आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने 7 जून 2016 को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्रालय को भेजे गए अपने नोट में राज्यपाल विद्यासागर राव ने कहा है कि शशिकला विधायक नहीं हैं। ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 164 (1) के तहत उन्हें सरकार बनाने और बहुमत साबित करने के लिए नहीं कहा जा सकता।

मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रही, शशिकला के लिए तगड़ा झटका

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