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लखनऊ समाजवादी पार्टी में बढ़ रही राह थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी के मुख्यालय में आज भले ही मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को गले मिलवाया, लेकिन खाई बड़ी होती जा रहा है। फिलहाल सीएम अखिलेश यादव के सरकारी आवास पर विधायक एकत्र हो रहे हैं।

पार्टी कार्यालय में गिले शिकवे भूलाने के बुलाई गई मुलायम सिंह की बैठक में चाचा शिवपाल सिंह यादव तथा भतीजा सीएम अखिलेश यादव आपस में भिड़ गए।

सुरक्षा कर्मियों ने बीच बचाव किया, जिसके बाद दोनों को अलग किया गया। बोलने के चक्कर और अपनी बात साबित करने के लिए कसम, दोषा रोपण व आरोप-प्रत्यारोप का खुब दौर चला। शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।

पार्टी के मुख्यालय में आज मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बैठक बुलाई थी। बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की रार पर अपना-अपना पक्ष रखा। इसके बाद पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बैठक में मौजूद सांसद, मंत्री, विधायक व अन्य नेताओं के सामने मुख्यमंत्री को फटकार लगाने के साथ ही शिवपाल सिंह यादव तथा अमर सिंह के योगदान को जमकर सराहा।

इसके बाद बैठक के अंत में शिवपाल व अखिलेश को गले भी मिलवाया। इसी दौरान मंच पर चाचा व भतीजे में नोंकझोंक होने लगी। मुलायम सिंह यादव के संबोधन के बाद कुछ और नेता माइक लेकर अपनी बात कहना चाह रहे थे।

इसी बीच मुख्यमंत्री पर मुसलमानों का वोट नहीं चाहने वाली चिट्ठी के संबंध में एमएलसी आशु मलिक को मंच पर बुलाया गया, जिस पर मलिक की मुख्यमंत्री के समर्थकों ने उनकी पिटाई कर डाली। इसका शिवपाल ने जब विरोध किया तो अखिलेश ने विरोध किया। इसके बाद माहौल काफी खराब हो गया।

पार्टी कार्यालय के बाहर शिवपाल व अखिलेश के समर्थकों का झगड़ा अंदर भी होने लगा। गाजियाबाद निवासी एमएलसी आशु मलिक की कार्यालय के अंदर पिटाई भी हो गई। कार्यालय के बाहर भी आशु मलिक के खिलाफ नारे और गाली-गलौज किया गया। साफ कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी में लाइन बहुत चौड़ी हो चुकी है। ऐसे में इसे समाप्त करना अब संभव नहीं रहा।

परिवार में पड़ी दरार को मिटाने के लिए सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव ने भले ही चाचा-भतीजे को गले मिलाया। मगर दोनों की तल्खी थोड़ी देर बाद ही सबके सामने आ गई। बैठक के दौरान आशू मलिक को बुलाया गया। शिवपाल और अखिलेश में कहासुनी हो गई। अखिलेश यादव सपा कार्यालय से बाहर निकल आए। उनके साथ आशू मलिक भी थे। इसके बाद नेताजी और शिवपाल यादव भी दफ्तर से चले गए।

दोपहर बाद दो बजे के आस-पास का समय। समाजवादी पार्टी के दफ्तर में तब तक सब ठीक चल रहा था। पहले अखिलेश, फिर शिवपाल और फिर मुखिया मुलायम सिंह यादव अपना दर्द छलका चुके थे। बैठक अंतिम दौर में थी लेकिन तभी जो हुआ उसे देख सब भौंचक्के रह गए। मुलायम के बोलने के बाद अखिलेश उनके पास पहुंचते हैं। मुलायम ने अखिलेश से कहा कि मुसलमान भाग रहा है, संभालो। मुझसे मिलने बड़े लोग आ रहे हैं। कह रहे हैं तुमने एक लेटर भेजा है जिसके कारण मुसलमान नाराज हैं। फिर अचानक अखिलेश को गुस्सा आ गया, अखिलेश ने भन्नाते हुए जोर से कहा कि मेरे खिलाफ साजिश चल रही है। अमर सिंह ने आशु मलिक से मेरे खिलाफ अखबार में एक आर्टिकल छपवाया है। इस आर्टिकल में मुझे औरंगजेब बताया गया है।

जब सब हो रहा था तब मंच पर ही आशु मलिक बैठे थे। अपना जिक्र आने पर उन्होंने सफाई देने की सोची। वो उठे और अखिलेश से जैसे ही कुछ बोलना चाहा, अखिलेश आग बबूला हो गए.. खबरदार.. तुम बीच में मत आओ। अखिलेश को तमतमाते देख उनके युवा समर्थक नारे लगाने लगे। भीड़ आशु मलिक की तरफ बढऩे लगी। धक्का-मुक्की शुरु हुई और मलिक जान बचाने के लिए भागने लगे। अगर उस समय सिक्योरिटी वाले आशु को गाड़ी में नहीं बैठाते तो बात बिगड़ सकती थी।

इसके बाद भी युवा समर्थक चिल्लाते रहे। गालियों की बौछार होने लगी। यह सब होने के बाद भी एक बार फिर मामला शांत होते दिखा जब अखिलेश अपने पिता के पास पहुंचे और कहा कि पिताजी आज मेरा जन्मदिन है और आपने मुझे बधाई नहीं दी। इतना कहते ही अखिलेश ने मुलायम के पैर छू कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुलायम ने कहा कि चाचा शिवपाल के पैर छू लो और आशीर्वाद लो। अखिलेश ने शिवपाल के पैर छुए. शिवपाल ने उन्हें गले लगाया, लेकिन फिर तल्खी लौटती है। जब शिवपाल को कहते सुना गया..अखिलेश झूठ मत बोलो. तभी अखिलेश के हाथ से माइक छीना गया और बात हाथा-पाई में बदल गई। सुरक्षा में लगे लोगों ने फिर बीच बचाव किया। नाराज अखिलेश वहां से गुस्से में निकल गए।

 

मुख्यमंत्री ने मुलायम से की मुलाकात

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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