जहां एक तरफ सपा-कांग्रेस यूपी में साथ-साथ चुनाव लड़ रही है तो वहीं कांग्रेसी नेता सपा के उस कट्टर विरोधी को परोल दिलाने में लगे हैं जिसे अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल करने से मना कर दिया था। दरअसल बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी की परोल के लिए कांग्रेस के दो बड़े नेता कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। चुनावी मैदान में मुख्तार अंसारी गठबंधन के दुश्मन हैं क्योंकि सपा में शामिल नहीं किए जाने के बाद मुख्तार अंसारी ने अपनी पार्टी कौमी एकता दल का बसपा में विलय कर लिया था अब वह मऊ से बीएसपी के उम्मीदवार हैं।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट में मुख्तार अंसारी की परोल को लेकर केस चल रहा है। खबरों की मानें तो मुख्तार अंसारी वही शख्स हैं जिनकी वजह से समाजवादी पार्टी में झगड़े की शुरुआत हुई। दरअसल शिवपाल यादव ने अंसारी बंधुओं अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय करवाया था। अखिलेश के विरोध के बाद अंसारी बंधु समाजवादी पार्टी छोड़कर बीएसपी में शामिल हो गए। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने कहा ‘ये पूरी तरह से व्यावसायिक था, इसका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। एक वकील की हैसियत से मैं टीएमसी, एसपी, बीएसपी, कांग्रेस और बीजेपी जैसी कई पार्टियों और उनके नेताओं के लिए कोर्ट में पेश हो चुका हूं। यहां मुद्दा ये था कि निचली अदालत ने चुनाव प्रचार के लिए परोल दे दी थी, जबकि हाईकोर्ट ने रोक लगा दी जिसकी वजह से एक उम्मीदवार को चुनाव प्रचार में जाने का मौका नहीं मिल रहा है।’’

हालांकि एक वकील के तौर पर केस लड़ रहे कांग्रेसी नेताओं पर किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए लेकिन जब यूपी में कांग्रेस-सपा गठबंधन में है और मुख्तार अंसारी उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं तो ऐसे में राजनीतिक हलकों में चर्चाएं गरम होना लाजमी है।

मुख्तार को जेल से निकालने का बंदोबस्त कर रहे कांग्रेसी?

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