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यूपी के विधानसभा चुनाव में भाजपा दलितों, पिछड़ों और अगड़ों के साथ मुस्लिमों को भी साधने में जुट गई है। दो मुस्लिम देशों में प्रधानमंत्री को मिले सर्वोच्च नागरिक सम्मान को पार्टी भुनाने में लगी है और इसे बड़ी उपलब्धि करार दे रही है। साथ ही पार्टी ने राम मंदिर के मुद्दे से भी किनारा कर लिया है।

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह मुद्दा पूरी तरह से गायब रहा। इस मसले पर केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि जरूरी नहीं हर बैठक में राम मंदिर मुद्दे पर चर्चा की जाए।

केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि यूपी के चुनाव में मोदी ही भाजपा का चेहरा होंगे। उन्हीं के नाम पर चुनाव लड़ा जाएगा। अगर भाजपा इसी दिशा में आगे बढ़ती है तो सबसे पहले उसे साबित करना होगा कि यूपी में पार्टी हर वर्ग को लेकर आगे बढ़ेगी।

भाजपा को अपनी हिंदूवादी छवि को भी हल्का करना होगा। रविवार को होटल कान्हा श्याम में पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी यही संकेत दिए। उन्होंने कहा कि मात्र दो साल में मुस्लिम देश सऊदी अरब और अफगानिस्तान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा।

ईरान, कतर, अबूधाबी जैसे देशों से भी भारत के रिश्ते सुधरे हैं। मुस्लिम देश आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ हैं और सभी आतंकवाद का विरोध करते हैं। मुस्लिम देशों में पीएम को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाना और इन देशों से भारत के रिश्ते सुधरना देश के लिए अच्छे संकेत हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। यह बड़ी उपलब्धि है।

शाह के इस बयान और राम मंदिर मुद्दे को बैठक से अलग रखना यही इशारा कर रहा है कि यूपी के चुनाव में भाजपा हिंदूवादी चेहरे से अलग हटकर हर वर्ग को साधना चाहती है।

मिशन 2017: हिंदुत्ववादी छवि को हल्का कर मुस्लिमों को साधने की तैयारी में भाजपा

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