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वोडाफोन कंपनी के ई-वॉलेट एमपैसा से रुपये उड़ाने वाले सुल्तानपुर के कादीपुर मुडिला गांव निवासी अजय कुमार यादव को बुधवार दोपहर साइबर सेल की टीम ने दबोच लिया। शातिर अजय ने महज महीने भर में ही कई लोगों के एमपैसा ई-वॉलेट से लगभग सात लाख रुपये निकाले थे।

साइबर सेल के नोडल अधिकारी सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि रुपये निकलने पर बीती 31 जनवरी को अमेठी के जायस निवासी कारोबारी सचिन जैन ने एफआईआर दर्ज कराई थी।

वोडाफोन कंपनी ने छानबीन कराई तो बड़ा गड़बड़झाला सामने आया। पता चला कि कंपनी के डीलर सिमकार्ड की मदद से एमपैसा ई-वॉलेट इस्तेमाल करने वाले कई लोगों के सिमकार्ड निष्क्रिय कराकर रकम दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कराई गई है।

इसके बाद बुधवार सुबह कंपनी के नरही में एजिस बिल्डिंग स्थित डीलर हेल्पलाइन व कस्टमर केयर सेंटर के अमृत सिंह ने अज्ञात व्यक्ति पर गंज कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई।
शातिर अजय कुमार यादव मिमिक्री में माहिर है। वह महिला, बुजुर्ग, बच्चों की आवाज में बात कर लेता था।

उसने जुगाड़ से वोडाफोन कंपनी का डीलर सिमकार्ड ले रखा था। इससे बातचीत फ्री है। न बिल आता है न ही रीचार्ज करना पड़ता है। इसी सिमकार्ड से वह डीलर हेल्पलाइन के नंबर पर आवाज बदलकर फोन करता था। खुद को कंपनी का डीलर बताते हुए उन लोगों के बारे में जानकारी हासिल कर लेता, जिनके एमपैसा ई-वॉलेट में मोटी रकम होती थी।

चूंकि, डीलर हेल्पलाइन नंबर पर साधारण मोबाइल नंबरों से कॉल नहीं की जा सकती। सिर्फ वही लोग कॉल कर सकते हैं, जिनके पास डीलर सिमकार्ड है। ठगी में वोडाफोन कंपनी के कर्मचारियों के भी शामिल होने की बात सामने आई है।

अजय ने पूछताछ में बताया कि एजिस बिल्डिंग स्थित कस्टमर केयर सेंटर में काम करने वाले उपेंद्र उर्फ रवि और अंशुल से एमपैसा ई-वॉलेट के कस्टमरों की जानकारी मिलती थी। इन लोगों ने कुछ सप्ताह पहले ही नौकरी छोड़ी है।

पुलिस ने उपेंद्र उर्फ रवि और अंशुल के बारे में पूछताछ की तो वोडाफोन कंपनी ने इस नाम के किसी व्यक्ति के कस्टमर केयर सेंटर अथवा अन्य जगह पर काम करने की बात से इन्कार कर दिया।

कंपनी का कहना है कि जिन लोगों के सिमकार्ड ने काम करना बंद कर दिया, उनकी शिकायत के बाद छानबीन की गई तो यह गड़बड़झाला सामने आया। ई-वॉलेट मोबाइल फोन पर इस्तेमाल किया जाने वाला ऐसा एप है, जिसमें लोग छोटे-मोटे भुगतान के लिए अपनी रकम सुरक्षित रखते हैं।

कस्टमर बैंक से अपने ई-वॉलेट में इच्छानुसार रकम ट्रांसफर कर देते हैं। किसी को रुपये भेजने हैं, एयर, ट्रेन या मूवी का टिकट खरीदना है, बीमा पॉलिसी की किस्तें जमा करनी हैं या कोई बिल जमा करना है तो अपने मोबाइल फोन से मात्र एक कोड डालकर ई-वॉलेट से ट्रांसफर की जा सकती है। सिर्फ उतनी ही रकम का भुगतान किया जा सकता है जितनी ई-वॉलेट में जमा होती है।

मिमिक्री में माहिर बदमाश ने ई-वॉलेट से सात लाख रुपये उड़ाए

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