bihar-mid-day-meal-case_25_08_2016

छपरा। बिहार में मशरक प्रखंड के धरमासती गंडामन गांव में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में विषाक्त मिड-डे मील खाने से 22 बच्चों की मौत के मामले में बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) विजय आनंद तिवारी ने तत्कालीन प्रधानाध्यापिका मीना देवी को दोषी करार दिया है। वहीं उनके पति अर्जुन राय को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया गया।

16 जुलाई, 2013 को हुई घटना में न्यायाधीश ने मीना देवी को हत्या के प्रयास, जहर देने, साक्ष्य छुपाने सहित अन्य धाराओं में लगाए गए आरोपों को संदेह से परे बताया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई 29 अगस्त को होगी।

मामले में लोक अभियोजक सुरेंद्र नाथ सिंह और बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता भोला प्रसाद ने पक्ष रखा। फैसला सुनाए जाने के पहले कोर्ट हाजत से आरोपी मीना देवी और अर्जुन राय को कोर्ट में पेश किया गया।

विदित हो कि 16 जुलाई, 2013 को धरमासती गंडामन गांव में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों की हालत बिगड़ने लगी थी। घटना में 22 बच्चों की मौत हो गई थी और 25 बच्चे बीमार पड़ गए थे।

मिड-डे मील कांड में प्रधानाध्यापिका दोषी करार

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