security-law-suits2 27 08 2016

महाराष्ट्र सरकार के प्रस्तावित आंतरिक सुरक्षा कानून का चौतरफा विरोध हो रहा है। इसको लेकर कांग्रेस और राकांपा ने बाकायदा मोर्चा खोल दिया है। लेकिन भाजपा की सहयोगी शिवसेना भी खरी-खोटी सुनाने में पीछे नहीं है। हालांकि फड़नवीस सरकार इस पर विचार के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की तैयारी में है।

राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव केपी बख्शी के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के निर्देश पर प्रस्तावित महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ इंटर्नल सिक्यूरिटी एक्ट (एमपीआइएसए) का मसौदा सभी दलों के सामने चर्चा के लिए रखा जाएगा। सर्वदलीय बैठक के बाद इस मसौदे पर राज्य मंत्रिमंडल चर्चा करेगा।

उसके बाद मसौदे पर सार्वजनिक आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इन सभी स्तरों पर चर्चा के बाद मसौदे को कानून में बदलने के लिए विधानमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा। लेकिन शिवसेना इससे संतुष्ट नहीं है। उसने प्रस्तावित आंतरिक सुरक्षा कानून की तुलना आपातकाल से की है।

महाराष्ट्र के प्रस्तावित आंतरिक सुरक्षा कानून का चौतरफा विरोध

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