मध्यप्रदेश एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारतीय सेना की खुफिया जानकारी भेजने के मामले में 11 एजेंट को गिरफ्तार किया है। ये फोन करके सूचनाएं पाकिस्तान भेजते थे। इनकी गिरफ्तारी प्रदेश के अलग-अलग शहरों भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और सतना से की गई है। इनमें एक भाजपा नेता का भाई भी शामिल हैं। मामले में कई अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

गुरुवार को प्रेस कांन्फ्रेंस में एटीएस चीफ संजीव शमी ने कहा कि ग्वालियर से पांच, भोपाल से तीन, जबलपुर से दो और सतना से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। सतना के कोलगवां थाना इलाके से पकड़ा गया बलराम पाकिस्तान से मिले पैसे कश्मीर में आतंकियों को पहुंचता था और वहीं इन सभी की आर्थिक मदद करता था। ये लोग इंटरनेट कॉल को सेल्यूलर नेटवर्क में बदलकर दूसरे देशों में बैठे अपने आकाओं तक जानकारियां पहुंचाते थे। इस मामले में टेलिकॉम कंपनियों में काम करने वाले कुछ कर्मचारी भी जांच के घेरे में है।

मप्र एटीएस चीफ ने बताया कि जितेंद्र ठाकुर और कुश पंडित नाम के दो अवैध कॉल सेंटर को ऑपरेट करते थे। इसमें जितेंद्र ठाकुर ग्वालियर में भाजपा पार्षद वंदना सतीश यादव का रिश्तेदार बताया गया है। इस मामले में एटीएस सभी से पूछताछ कर रही है।

मप्र एटीएस के चीफ संजीव शमी ने एजेंटों को पकड़ने के इस ऑपरेशन को लीड किया है। उनके मुताबिक सभी आरोपियों के खिलाफ इंडियन टेलीग्राफ एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत देश के खिलाफ युद्ध की साजिश रचने का केस दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक सभी एक समानांतर टेलिकॉम एक्सचेंज चला रहे थे, जो आईएसआई की मदद से उन्होंने तैयार किया था। इसमें वह जम्मू-कश्मीर में पदस्थ सेना के कर्मचारियों को सीनिरयर अधिकारी बनकर फोन करते थे और उनसे ऑपरेशन, तैनाती और अन्य जानकारियां हासिल करते थे।

मप्र एटीएस के अधिकारियों ने 11 जासूसों के पास से कई चाइनीज उपकरण और मोबाइल फोन, सिम बॉक्स, विभिन्न टेलिकॉम कंपनियों के प्री पेड सिम कार्ड, लैपटॉप और डाटा कार्ड बरामद किए हैं। ये अवैध वीओआईपी ट्रैफिक के जरिए इंटरनेट से कॉल करते थे।

मप्र एटीएस ने पकड़े आईएसआई के 11 जासूस

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