ठेकेदारी की प्रथा देश में सदियों से चली आ रही है। इसमें भी अधिकांश मामले सरकारी तथा निजी काम के होते हैं, लेकिन मथुरा में लड़कियों को बदनाम करने का काम भी ठेके पर हो रहा है।

उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार की बेटियों को बदनाम करने का ठेका कान्हा की नगरी मथुरा से ही दिया जाता है। बीते दिनों संभ्रांत घर की लड़कियों के फोटो अश्लील साइट्स पर पोस्ट होने के बाद से पुलिस गंभीर हो गई थी। इसी क्रम में पटना से लाए गए साइबर अपराधी ने मथुरा से ही लड़कियों को बदनाम करने का ठेका होने का राजफाश कर दिया। उसका दावा सही हुआ तो शहर के कई बड़े लोगों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।वह आरोपी के फेसबुक एकाउंट को भी नए सिरे से खंगालने की तैयारी में है।

वृंदावन के एक व्यक्ति के वाट्सएप पर गत 20 अगस्त को साठ युवतियों की अश्लील तस्वीरें भेजी गई थीं। ये सभी वृंदावन और मथुरा की युवतियों की थीं। चेहरे बदलकर बनाई तस्वीरों में युवतियों के नाम पते दर्शाए थे। इसके साथ ही कुछ मार्कशीट भी अटैच थीं। मामले में एसएसपी बबलू कुमार के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ। जांच करती पुलिस पटना के शातिर धर्मेंद्र साहू उर्फ अभिराज उर्फ सिकंदर तक पहुंच गई। उसे पटना के थाना कदमकुआं क्षेत्र से गिरफ्तार कल मथुरा लाया गया।

धर्मेंद्र के मुताबिक वह मथुरा कभी नहीं आया। उसने पटना की एक युवती की अश्लील तस्वीरें बनाकर पोस्ट की थी, जो वृंदावन में आई थी। उसने एक फेक आइडी तैयार की, इसी के जरिए वह युवतियों की अश्लील तस्वीरें वायरल करने लगा। फेसबुक के जरिए मथुरा और वृंदावन के कुछ लोगों की उससे दोस्ती हुई। जब उन्हें पता चला कि वह युवतियों की अश्लील तस्वीरें तैयार कर वायरल करता है, तो उन लोगों ने उसे ऑफर किया। धर्मेंद्र ने बताया कि रंजिश निभाने के लिए यहां के लोग उसे तस्वीरें और नाम पते फेसबुक पर भेजते थे। सॉफ्टवेयर के जरिए वह अश्लील तस्वीरें तैयार कर वायरल करता था। इसके लिए तस्वीर भेजने वाले से पैसे लेता था। इसी क्रम में मथुरा और वृंदावन की युवतियों की तस्वीरें वायरल करना इसी पेशे का एक हिस्सा है।

एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि आरोपी के रहस्योद्घाटन की सत्यता की जांच की जा रही है। यदि इस तरह का नेटवर्क है, तो उससे जुड़े लोगों को बेनकाब किया जाएगा।

 

मथुरा में ठेका लेकर लड़कियों को बदनाम करने का धंधा

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-