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मथुरा के जवाहरबाग में हुए बवाल पर हंगामे का दौर जारी है। इस मामले पर राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार की निगाहें गड़ी हुई हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इस विवाद में कथित सत्याग्रहियों का नेतृत्व कौन शख्स कर रहा है? आखिर वो कौन है जो इस पूरे संग्राम का असली ‘खलनायक’ है?

कथित सत्याग्रहियों का नेतृत्व रामवृक्ष यादव नाम का व्यक्ति कर रहा है। यह उनके साथ ही मध्यप्रदेश के सागर से दिल्ली के लिए चला था। इसके बारे ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। हां, जब भी प्रशासन से कथित सत्याग्रहियों का टकराव हुआ, रामवृक्ष यादव की ओर से ही बयान जारी किए गए।

अभी कुछ दिन पहले जवाहर बाग के सत्याग्रहियों के चंगुल से बचकर आए दो व्यक्तियों ने रामवृक्ष यादव पर खुद को बंधक बनाने का आरोप लगाया था।

रामवृक्ष यादव और उनके समर्थकों ने करीब तीन साल पहले बरेली में भी बवाल किया था। बाबा जय गुरुदेव को जिंदा घोषित करने की मांग करने को लेकर रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में उनके समर्थकों ने प्रशासन से अनुमति लिए बिना रामलीला मैदान में आमसभा करने की कोशिश की थी। जब पुलिस ने सभा करने की अनुमति नहीं दी तो भीड़ लाठी डंडे लेकर बारादरी थाने में घुस गई और पुलिस पर हमला कर दिया था। अचानक हमले का जवाब देने के लिए पुलिस तैयार नहीं थी। इस मामले में गाजीपुर के रामवृक्ष, गोरखपुर के प्रेमचंद, झांसी के महिपाल सिंह, बदायूं के सूबेदार समेत कई लोगों के खिलाफ बारादरी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।

जय गुरुदेव समर्थकों के दो गुटों ने 21 सितंबर 2013 को प्रशासन की अनुमति लिए बगैर जोगी नवादा के बनखंडीनाथ मंदिर स्थित रामलीला मैदान में सभा करने की कोशिश की थी। दोपहर 12 से शाम पांच बजे तक सभा आयोजन का समय रखा गया था। दूसरा गुट सभा का विरोध कर रहा था। पुलिस ने जब इनको रोका तो रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में भीड़ ने बारादरी कोतवाली में घुसकर पुलिस पर हमला कर दिया।

भीड़ ने तत्कालीन इंस्पेक्टर बारादरी को कॉलर पकड़कर खींच लिया था और चौकी प्रभारियों पर डंडे चलाने शुरू कर दिए। इसमें कई दरोगा और चौकी इंचार्ज घायल हुए थे। जगतपुर चौकी इंचार्ज अरुण कुमार चतुर्वेदी का बिल्ला नोच लिया था।

जय गुरुदेव समर्थक सभा में सरकार से बाबा जय गुरुदेव का जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र मांग रहे थे। बाद में पुलिस ने भी जय गुरुदेव समर्थकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। थाने में घुसे 23 समर्थकों को हवालात की हवा भी खानी पड़ी थी। बारादरी थाने में एसआई सुनील कुमार ने रामवृक्ष यादव समेत कई जय गुरुदेव समर्थकों पर एफआईआर दर्ज कराई थी।

मथुरा का ‘खलनायक’ रामवृक्ष कौन हैं और कहां से आया ये बवाली?

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