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किला मोहम्मदी नगर में कानपुर रोड योजना की सेक्टर-एल की कीमती जमीन पर पहले अवैध कब्जा कराने वाले सपा विधायक शारदा प्रताप शुक्ला का मंत्री बनते ही दिल बदल गया।

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने एलडीए को एक पत्र लिखकर खसरा संख्या-250 और 251 की जगह को पार्क में बदलने के लिए कहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी एलडीए कार्रवाई करने से हिचकता रहा।

शारदा प्रताप शुक्ला ने एलडीए को पत्र लिखा है कि इस जमीन पर पूर्व से ही एक मंदिर और कुछ दुकानों का निर्माण है। जनहित में देखते हुए इस जगह को पार्क में बदल दिया जाए। मंत्री का कहना है कि इस जगह को मैंने कीमत चुकाकर खरीदा।

गलती मुझसे यह हो गई कि इसकी रजिस्ट्री मैंने नहीं कराई। अब मैंने एलडीए से भी कह दिया है कि इस जमीन का वह जिस तरह चाहे जनहित में उपयोग करा सकता है। खसरा संख्या 249 मेरी जमीन है। यहां छह दुकानें बनी हैं।

ये पूरी तरह वैध हैं। विवादित खसरा संख्या 250 और 251 पर बनीं करीब आधा दर्जन दुकानों की आय मंदिर को जाती है, अगर एलडीए को लगता है कि इन निर्माण को तुड़वाना चाहिए तो कार्रवाई कर सकता है।

विधायक के अवैध कब्जे की शिकायत एलडीए से लेकर हाईकोर्ट तक स्थानीय निवासी बृजभान यादव ने की। 2013 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया था कि इस जमीन का अधिग्रहण एलडीए मार्च 1985 में कर जुलाई 1986 में कब्जा भी चुका चुका था।

विधायक ने इस पर कब्जा कर दुकानें बनवाई हैं। यहां एक मंदिर का निर्माण भी है, जिसे विधायक पक्ष काफी प्राचीन होने की बात कहता है। हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद तत्कालीन एलडीए वीसी एमपी अग्रवाल ने 29 नवंबर 2013 को कब्जा तोड़ने के आदेश कर दिए।

इसके बाद भी निर्माण नहीं तोड़े जा सके। हाईकोर्ट 11 फरवरी 2016 तक कब्जा ढहाने को कहता रहा, लेकिन प्राधिकरण कोई कार्रवाई नहीं कर सका। अभी तक निर्माण वहां बरकरार है।

मंत्री ने भले ही खुद के कब्जे में बताई जा रही जमीन को पार्क में बदलने के लिए पत्र लिखा हो। इसके उलट अभी एलडीए अधिकारी इस जमीन का उपयोग पार्क में करने के लिए कोई फैसला नहीं कर पाए हैं। अधिकारी असमंजस में है कि मंत्री के सुझाए प्रस्ताव पर अमल कैसे कराया जाए।

मैंने एलडीए को कहा है कि खसरा संख्या 250 और 251 की जमीन पर पार्क विकसित कर दें। इससे मंदिर आने वाले लोगों को सुविधा होगी। अगर प्राधिकरण दुकान तोड़ना चाहे तो ऐसा कर सकता है। अभी इन दुकानों से ही जगह और मंदिर का खर्च निकलता है।
शारदा प्रताप शुक्ला, विधायक राज्यमंत्री

राज्यमंत्री की तरफ से एक पत्र मिला है। इस जगह का लैंडयूज अभी तय नहीं है। ऐसे में वहां पार्क बनाने के लिए पहले प्राधिकरण से लैंडयूज तय करना होगा। अभी कोई योजना इस जमीन पर नहीं है।
जेएन रेड्डी, मुख्य नगर नियोजक, एलडीए

इस जमीन पर से कब्जा हटवाने के लिए पूर्व में आदेश हो चुका है। खसरा संख्या 250 और 251 पर हुए निर्माण को तुड़वाया जाना है। इसके लिए प्राधिकरण आदेश भी कर चुका है। इसके लिए नई तारीख तय होनी है जिससे पुलिस बल मिल सके। अभी निर्माण तुड़वाने पर कोई फैसला नहीं है।
एके सिंह, प्रवर्तन अधिकारी, एलडीए

 

 

 

मंत्री बनते ही बदल गया दिल

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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