अमृतसर। गलत अरदास पाठ करने पर पंजाब के मंत्री सिकंदर सिंह मलूका को स्वर्ण मंदिर में बर्तन साफ करने और जूते साफ करने की सजा सुनाई गई है। यह सजा सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने दी है। पंजाब के मंत्री सिकंदर सिंह मलूका को ‘गलत अरदास पाठन’ का दोषी पाया गया। इसके बाद उन्हें स्वर्ण मंदिर के लंगर में बर्तन साफ करने और श्रद्धालुओं के जूते साफ करने को कहा गया है।

अकाल तख्त के जत्थेदार गुरबचन सिंह ने शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक समिति की तरफ से मंत्री के खिलाफ आरोपों की जांच के बाद उन्हें ‘तनखैया’ घोषित किया। शिकायतकर्ता ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि मलूका ने बठिंडा में एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था जहां ‘जानबूझकर’ गलत ‘अरदास’ किया गया।

मलूका पांच सिख जत्थेदारों के समक्ष पेश हुए जहां उनसे ‘ईशनिंदा’ कृत्य के बारे में पूछताछ की गई। मंत्री ने गलती स्वीकार की और कहा कि वह ‘तनखा’ के साथ अपने कृत्य का पश्चाताप करना चाहते हैं। दंड की घोषणा करते हुए सिंह ने उनसे लगातार तीन दिनों तक एक घंटे स्वर्ण मंदिर के लंगर में बर्तन साफ करने और श्रद्धालुओं के जूते साफ करने का निर्देश दिया।

मंत्री को मिली बर्तन और जूते साफ करने की सजा

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