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हिमाचल समेत भारत के कई क्षेत्रों को भूकंप का सबसे ज्यादा खतरा है। यह खुलासा अमेरिका सरकार के एक संगठन की रिपोर्ट में हुआ है। इस खतरे से अमेरिकी नागरिकों को आगाह किया गया है।

यूएस सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के ब्यूरो ऑफ डिप्लोमेटिक सिक्योरिटी की ओवरसीज सिक्योरिटी एडवाइजरी काउंसिल ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इस तथ्य को सामने लाया है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर भारत के कई हिस्से भूकंप की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील हैं।

उच्चतम जोखिम वाले क्षेत्र हिमाचल प्रदेश, श्रीनगर, देहरादून, ऋषिकेश, पंजाब का उत्तरी हिस्सा, पश्चिमोत्तर गुजरात, उत्तरी बिहार और पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र है। हल्का सा जोखिम जम्मू-कश्मीर के उत्तर, पूर्वी पंजाब, हरियाणा, उत्तरी उत्तर प्रदेश, केंद्रीय बिहार और पश्चिमी बंगाल के उत्तरी भागों में है।

इसी जोन में नई दिल्ली भी है। कराकोरम पर्वत श्रेणी वाले क्षेत्र पर भारत और पाकिस्तान दोनों के ही दावे हैं। इसमें सियाचिन ग्लेशियर भी शामिल है। इस क्षेत्र में पर्वतारोहण खतरनाक है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में आतंकी और विद्रोही गतिविधियां लगातार चल रही हैं।

ये संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिकों को यहां प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से प्रभावित करती हैं। पिछले आतंकी हमलों में सार्वजनिक स्थल जैसे होटल, ट्रेनें, ट्रेन स्टेशन, बाजार, सिनेमा, मस्जिद, शहरी क्षेत्रों के रेस्तरां आदि भी शामिल रहे हैं।

भारत में माओवादी नक्सली समूह भारत में अधिक सक्रिय हैं। आमतौर पर नक्सलियों के हमले सरकारी अधिकारियों, भवनों, रेल लाइनों आदि पर होते आए हैं। कई बार विदेशियों को किडनैप भी किया जाता है।

रिपोर्ट दावा करती है कि नक्सलियों ने यूएस नागरिकों को विशेष रूप से लक्षित नहीं किया है और ऐसे हमले उन क्षेत्रों में भी नहीं होते हैं, जहां पर विदेशियों की गतिविधियां ज्यादा हों।

ये देश के दुर्गम क्षेत्रों में ज्यादा होते हैं, जैसे इनमें पूर्वी महाराष्ट्र, उत्तरी आंध्र प्रदेश, पश्चिमी पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड के ग्रामीण क्षेत्र शामिल हो रहे हैं। इनमें आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के सीमाई क्षेत्र भी शामिल हैं।

भूकंप के हाई रिस्क जोन में है हिमाचल

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