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लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में छात्रों और प्रशासन के बीच मतभेद का मामला सामने आ रहा है। सूत्रों से प्राप्त ख़बरों के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन 3 मई को हुए प्रकरण को लेकर अपने ही कैंपस के 19 छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज़ कराने जा रहा है, जिसके विरोध में एयूडीएसयू छात्र संगठन के छात्र अपनी मांगो को लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हो गए हैं।
छात्रों की मांग…
1. 19 छात्रों पर की गयी FIR को वापस ली जाए
2. बीएड विभाग में शिक्षक नियुक्ति को लेकर हुई धांधली को लेकर उचित कार्यवाही हो।
3. दलित छात्रों पर जबरन केस कर फ़ंसाने के सम्बन्ध में पड़ताल की जाए।
ये था 3 मई का प्रकरण…
आपको बता दें की 3 मई को छात्रों ने विश्वविद्यालय द्वारा अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के 50 प्रतिशत के आरक्षण को खत्म करने वाली कोर्ट में दायर याचिका का विरोध किया था। आरक्षण को खत्म करने वाली याचिका के खिलाफ छात्र विश्विद्यालय प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे।

 

इस मामले पर AUDSU ने अपने पेज पर 23 जुलाई को लिखा था कि बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ में विश्वविद्यालय प्रशासन की सह पर अशोका हॉस्टल के बाहर RSS ने बैठक की और गुजरात के आंदोलनरत दलितों को गालियां दी गई, तथा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गई ।
बीजेपी और RSS के माध्यम से आप लोग देख सकते है किस तरह भगवाकरण किया जा रहा है, और दलितों को गालियाँ तथा दलितों के महापुरुषों को खुले आम सभाएं करके आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही है।

 

भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 19 छात्रों को जेल भेजने की तैयारी

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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