शिकागो। राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को अपना विदाई भाषण दिया। उन्‍होंने इस भावुक भाषण में लोगों को शुक्रिया कहने के अलावा शरणार्थी, महिलाओं, मुस्लिमों, रूस, चीन और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर बात की। उनकी स्‍पीच के दौरान चार साल और के नारे भी लगे।

आतंकवाद पर बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि पिछले 8 सालों में हमारी जमीन पर कोई भी विदेशी आतंकी हमला नहीं हुआ है। हालांकि बोस्‍टोन और ओरलैंडों ने हमें इस बात का अहसास दिलाया कि कट्टरता कितनी भयावह हो सकती है। हमारी लॉ इन्‍फोर्समेंट एजेंसियां पहले से और मजबूत हुई हैं। हमने सैकड़ों, हजारों आतंकियों से मुकाबला किया है जिनमें ओसामा बिन लादेन भी था। आतंकी संगठन आईएसआईएस भी खत्‍म कर दिया जाएगा। अमेरिका को धमकाने वाला कभी सुरक्षित नहीं रहा।

ओबामा ने कहा कि मैंने सीखा है कि बदलाव तभी आ सकता है जब आम आदमी इसमें शामिल हो, जुड़े और साथ आकर इस बदलाव के लिए आवाज उठाए।

उन्‍होंने कहा कि रूस और चीन अमेरिका की बराबरी नहीं कर सकते। ऐसा तब तक नहीं होगा जब तक हम अपने सिद्धांतों को नहीं त्‍याग देते या फिर ऐसा देश बन जाएं जो अपने छोटे पड़ोसी देशों को डराने में यकीन करता हो।

ओबामा ने अपने संबोधन में कहा कि हर रोज मैंने आप लोगों से सीखा है और आप लोगों ने मुझे एक बेहतर राष्‍ट्रपति और इंसान बनाया।

उन्‍होंने आगे कहा कि हमारे स्‍थापकों ने संघर्ष के बाद हमें एक महान तोहफा दिया है। हमें अपने सपनों, विचारों और कल्‍पनाओं के पीछे भागने की आजादी मिली है। लोकतंत्र के लिए एकजुटता का भाव जरूरी है, हम एकसाथ उभरते और गिरते हैं।

अगले दस दिनों में हमारा देश लोकतंत्र के हॉलमार्क और एक चुने हुए राष्‍ट्रपति से दूसरे तक शांतिपूर्ण सत्‍ता हस्‍तांतरण का गवाह बनेगा‍। जब मैंने शुरुआत की थी तब से लेकर अब तक अमेरिका बेहतर और मजबूत राष्‍ट्र बना है।

भावुक ओबामा ने कही यह बड़ी बातें, लगे चार साल और के नारे

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