चीनी मीडिया ने कहा कि भारत को श्रीलंका में चीनी निवेश पर अपने पक्ष पर दोबारा विचार करना चाहिए और उसे ईर्ष्या भावना के बजाय इस द्वीप राष्ट्र में बंदरगाह के विकास में शामिल होना चाहिए। दक्षिण श्रीलंका में हंबनटोटा बंदरगाह को चीन को सौंपे जाने के श्रीलंका के फैसले के संदर्भ में ग्लोबल टाइम्स में एक लेख में कहा गया कि यह समझा जा सकता है कि कुछ एशियाई देशों के लिए सहयोग को छोड़ दिया गया है।

मीडिया रिपोर्टों में सुझाव दिया गया है कि बंदरगाह की 80 फीसदी हिस्सेदारी को अगले 99 वर्षों के लिए चीन को लीज पर दे दिया गया है, जिसमें महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग और औद्योगिक क्षेत्र की भूमि शामिल है। लिहाजा इस पर ईर्ष्या करने की बजाय प्रोजेक्ट से जुड़ना बेहतर होगा।

रिपोर्ट में कहा गया कि ज्यादा से ज्यादा दक्षिण एशियाई देशों ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचा के निर्माण के लिए चीनी प्रयास को सकारात्मक लिया है। ऐसे में भारत को श्रीलंका में चीनी निवेशित इस प्रोजेक्ट पर दोबारा विचार करना चाहिए।

भारत, श्रीलंका में चीनी निवेश पर अपने पक्ष पर दोबारा विचार करे : चीनी मीडिया

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