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अपनी कुछ सेवाओं पर लगभग 300 करोड़ रुपये की कथित सेवा कर चोरी को लेकर भारतीय रेल राजस्व अधिकारियों की जांच के दायरे में आ गई है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि रेलवे को अपनी सभी 16 जोन से होने वाली आय का ब्यौरा देने को कहा गया है। इनमें मुख्य रूप से तत्काल, टिकट रद करने और बिस्तरबंद शुल्क से होने वाली आय शामिल है।  कहा गया कि केंद्रीय राजस्व अधिकारियों ने रेलवे द्वारा दिए जाने वाले सेवा कर के विवरण की मांग की है।

सूत्रों के मुताबिक, ऐसा देखा गया कि रेलवे और इसके जोन तत्काल, टिकट रद करने और बिस्तरबंद शुल्कों के संबंध में अपने सेवा कर दायित्वों का निर्वाह नहीं कर रही हैं। इस मामले में जांच-पड़ताल की जा रही है और आवश्यक विवरणों को मंगाया गया है। वहीं रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि जो भी सेवा कर रेलवे द्वारा लिया जाता है वह वित्त मंत्रालय के निर्देशानुसार है।

उन्होंने कहा कि अन्य सेवा कर मामलों पर रेलवे प्रशासन और सेवा कर प्राधिकरण के बीच विचार-विमर्श जारी है। एक जिम्मेदार सरकारी विभाग होने के नाते, रेलवे विभाग सरकारी कायदों का पालन करने के लिए प्रतिबद्घ है। राजस्व अधिकारियों ने कहा कि हालांकि रेलवे ग्राहकों से तत्काल, टिकट रद करने और बिस्तरबंद शुल्क पर सेवा कर ले रहा था फिर भी रेलवे ने इसे विभाग को प्रेषित नहीं किया। रेलवे द्वारा की गई कथित सेवा कर चोरी की राशि 300 करोड़ रुपये आंकी गई है।

भारतीय रेल पर 300 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का आरोप, होगी जांच

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