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महज 13 साल की उम्र में बच्ची के हाथ पीले करने पर उतारू परिवार को सबक सिखाते हुए बच्ची की भाभी ने उसकी शादी रुकवा दी। शादी बृहस्पतिवार को तय थी। पति से अलग रहने वाली भाभी को जब यह पता चला तो उसने पुलिस, यूपी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीआर) और लखनऊ डीएम की मदद ली।

बारात पहुंच चुकी थी। शादी की तैयारियां चल रही थीं। ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस ने लड़की, उसके परिवार वालों और वर पक्ष से बातचीत कर उन्हें समझाया और कार्रवाई की चेतावनी दी। गांव के बड़े बुजुर्गों व प्रधान की दखल के बाद बच्ची का विवाह रोक दिया गया। घटना सरोजनी नगर के नटकुर की है।

बच्ची की भाभी मंजू रावत ने बताया कि दो महीने पहले उनके ससुर ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद से परिवार में तनाव था। यही नहीं, कुछ समय पहले रिश्तेदारी में ही स्कूल जाने वाली एक लड़की किसी के साथ घर छोड़कर चली गई थी।

इसके चलते आठवीं में पढ़ने वाली ननद का भी स्कूल जाना बंद करवा दिया गया था। इसके बाद सिर से बोझ उतारने के लिए उसके पति और देवर ने 21 अप्रैल को बच्ची की शादी तय कर दी। पता चलने पर मंजू ने सरोजनीनगर थाने में लिखित शिकायत कर बाल विवाह रुकवाने का आग्रह किया।

मंजू ने बताया कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। मामला बाल आयोग तक पहुंचा तो अध्यक्ष जूही सिंह ने डीएम राजशेखर को पूरी जानकारी दी। डीएम ने सरोजनीनगर थाना एसएचओ सुधीर कुमार से बातकर यह विवाह रुकवाया।

एसएचओ सुधीर ने बताया कि गांव के प्रधान, सभी पक्षों और बुजुर्ग नागरिकों के साथ बातचीत हुई। सभी को समझाया गया कि बाल विवाह गैर कानूनी है। ऐसा कराने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रधान व बुजुर्ग नागरिकों ने रावत परिवार को समझाया कि बच्ची का विवाह करने की यह सही उम्र नहीं है। आखिकार प्रयास रंग लाया और शादी रुक गई।

बाल विवाह रुकवाने पर मंजू ने कहा, ‘तेरह साल की खेलै कूदै की उमर मा ननद की शादी कइसे करै देते? उ का साड़ी पहनावें तो औरत दिखे है, बाकी है तो ऊ बच्ची ही ना।’ उसने कहा कि वह चाहती है कि ननद की पढ़ाई फिर से शुरू हो जाए और सही वक्त आने पर उसकी शादी की जाए।

 

 

 

भाभी ने रुकवाया ननद का बाल विवाह

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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