ओडिशा के पंचायत चुनावों में भाजपा को बड़ा फायदा हुआ है। पहले चरण में उसने 188 जिला परिषद सीटों में से 68 पर जीत दर्ज की है या फिर उसका उम्‍मीदवार आगे चल रहा है। राज्‍य की सत्‍ता में बैठी बीजू जनता दल(बीजद) ने लगभग 100 सीटों पर जीत हासिल की है। पांच साल पहले 2012 में भाजपा को 854 जिला परिषद सीटों में से केवल 36 पर जीत मिली थी। माना जा रहा है कि भाजपा इस बार बीजद को पीछे छोड़ सकती है। ओडिशा में अभी पंचायत चुनावों के तीन दौर बाकी हैं। 19 फरवरी को यहां अंतिम चरण का मतदान होगा। भाजपा ने चुनावों से पहले कहा था कि इनके नतीजे विधानसभा चुनावों का ट्रेलर साबित होंगे। पहले चरण में 71 प्रतिशत मतदान हुआ है।

नवीन पटनायक के नेतृत्‍व वाली बीजद उम्‍मीद कर रही थी कि पिछली बार की तरह इस बार भी वह चुनावों में एकतरफा जीत हासिल करेगी। उसने इसके लिए पूरा जोर भी लगाया था। एक महीने तक चले प्रचार में कई फिल्‍मी सितारों को भी उतारा गया था। लेकिन भाजपा ने मयूरभंज, बारगढ़ और कालाहांडी जिलों में सफाया कर दिया है। उसके लिए सबसे बड़ा झटका यह रहा कि भुवनेश्‍पर की एकामरा विधानसभा सीट की जिला परिषद सीट भाजपा ने 1300 से ज्‍यादा वोटों से जीत ली। इन नतीजों में कांग्रेस काफी पीछे छूट गई है। कांग्रेस केवल 20 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई है। 2012 पंचायत चुनावों में बीजद को 651 , कांग्रेस को 128 और भाजपा को 36 सीटें मिली थी।

भाजपा ने सत्‍ताधारी बीजद को दिया बड़ा झटका, कांग्रेस फिसड्डी

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