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लखनऊ. मुलायम सिंह यादव ने बोफोर्स मामले में राजीव गांधी का बचाव करते हुए कहा, “राजनीतिक लोगों पर बदले की भावना से कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन पर मुकदमे नहीं चलने चाहिए। सियासी लोग जेल जाएंगे तो राजनीति कैसे होगी?” उन्होंने ये भी कहा, “जब मैं रक्षा मंत्री था तो बोफोर्स मामले की फाइल गायब करा दी थी।” बता दें कि मुलायम संयुक्त मोर्चा (यूनाइटेड फ्रंट) सरकार में 1996-98 तक डिफेंस मिनिस्टर थे। रक्षा मंत्री रहते जम्मूकश्मीर में देखे सेना के हालात

– मुलायम बुधवार को लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के 10वें स्थापना दिवस समारोह में स्पीच दे रहे थे।

– उन्होंने कहा, “रक्षा मंत्री रहते उन्होंने जम्मू-कश्मीर के दुर्गम क्षेत्रों में सेना के हालात देखे हैं, वहां रात गुजारी है।”

– “बोफोर्स तोप को लेकर राजीव गांधी पर बहुत आरोप लगे। हमने इस तोप को चलते देखा है, इसने सीमावर्ती क्षेत्रों में अच्छा काम किया है।”

– “हमने रक्षा मंत्री रहते बोफोर्स मामले को आगे नहीं बढ़ाया, इसकी फाइल ही गायब करा दी।”

– मुलायम ने ये भी कहा, “राजनीति करना आसान काम नहीं है। आप किसी एमएलए को रात के दो बजे भी उठा सकते हैं, लेकिन क्या आईएएस और आईपीएस अधिकारी को रात में दो बजे जगा सकते हैं?”

क्या था बोफोर्स घोटाला?

– राजीव गांधी सरकार ने मार्च 1986 में स्वीडन की एबी बोफोर्स से 400 हॉविट्जर तोपें खरीदने का करार किया था।

– तोपों की खरीद में दलाली का खुलासा अप्रैल 1987 में स्वीडन रेडियो ने किया था।

– रेडियो के मुताबिक, बोफोर्स कंपनी ने 1437 करोड़ रुपए का सौदा हासिल करने के लिए भारत के बड़े राजनेताओं और सेना के अफसरों को रिश्वत दी गई।
– इस खुलासे ने भारतीय राजनीति में खलबली मचा दी थी।

– 1989 के लोकसभा चुनाव में बोफोर्स मुख्य मुद्दा था। चुनाव में राजीव गांधी की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। वीपी सिंह राष्ट्रीय मोर्चा (नेशनल फ्रंट) सरकार के प्रधानमंत्री बने।

1990 में सीबीआई को सौंपी जांच

– 1990 में नई सरकार ने बोफोर्स दलाली की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने केस दर्ज किया।

– कई कानूनी अड़चनों के बाद सीबीआई 1997 में स्वीडन से बोफोर्स दलाली से जुड़े 500 पेज का डॉक्युमेंट्स लाने में कामयाब रही।

– इसके आधार पर सीबीआई ने 1999 में विन चड्डा, ओट्टावियो क्वात्रोची, पूर्व डिफेंस सेक्रेटरी एसके भटनागर, बोफोर्स कंपनी और उसके प्रमुख मार्टिन अर्बडो के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया।

– चार्जशीट में पूर्व पीएम राजीव गांधी को भी आरोपी बनाया गया था।

सीबीआई ने दायर की थी सप्लीमेंट्री चार्जशीट

– 2000 में सीबीआई ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की, जिसमें हिंदुजा भाइयों श्रीचंद, गोपीचंद और प्रकाशचंद हिंदुजा को भी आरोपी बनाया गया।

– 2002 में घोटाले के दो मुख्य आरोपी विन चड्डा और एसके भटनागर की मौत हो गई।

– इसी साल दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदुजा बंधुओं के खिलाफ सीबीआई की चार्जशीट को खारिज कर दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने चार्जशीट को सही ठहराया।
– सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने हिंदुजा बंधुओं समेत बोफोर्स कंपनी के खिलाफ आरोप तय कर दिए।

– 2004 में दिल्ली हाईकोर्ट ने राजीव गांधी के खिलाफ तमाम आरोपों को खारिज कर दिया।

बोफोर्स घूसकांडः 18 साल बाद मुलायम का खुलासा- मैंने गायब करा दी थी फाइल

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