अपना घरेलू काला धन उजागर करने वाले धन्नासेठ चैन की सांस ले सकते हैं। सरकार ने एक बार फिर साफ शब्दों में भरोसा दिलाया है कि केंद्र की स्कीम के तहत काली कमाई घोषित करने वालों के बारे में कोई सूचना जांच एजेंसियों को नहीं दी जाएगी। हां, अगर तीस सितंबर के बाद किसी व्यक्ति के पास काला धन पाया गया तो फिर बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री जेटली ने मंगलवार को काला धन खुलासा करने संबंधी स्कीम पर उद्योग चैंबरों, चार्टर्ड अकाउंटेंटों (सीए) व आयकर से जुड़े अन्य प्रोफेशनल्स के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने काला धन स्कीम से जुड़ी कई भ्रांतियां दूर कीं।

यह सरकार की तरफ से पहली जून से शुरू हुई आय घोषणा स्कीम को लोकप्रिय बनाने की दिशा में अपनी तरह की पहली बैठक थी। बैठक में वाणिज्य व उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, बिजली व कोयला मंत्री पीयूष गोयल, पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी शामिल थे। इसके बाद जेटली ने संवाददाताओं को बताया कि जिनके पास भी काला धन है और जिन्होंने आयकर अधिकारियों से इसे छिपाया है उनके लिए इसे बाहर निकालने का अंतिम मौका है।

इस स्कीम के तहत कोई भी व्यक्ति अपने छिपाए गए धन की घोषणा करके चैन की नींद सो सकता है। जेटली पहले ही कह चुके हैं कि ऐसा नहीं करने वाले से सरकार बाद में सख्ती से निपटेगी।

वित्त मंत्री के मुताबिक जो भी सूचना आयकर विभाग के पास आएगी, उसे किसी भी जांच एजेंसी को नहीं दिया जाएगा। साथ ही, इन सूचनाओं को किसी भी सूरत में सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। काले धन को उजागर करने वाली इस स्कीम में पैन (परमानेंट अकाउंट नंबर) की बाध्यता संबंधी खबर आने का बाद कई लोगों ने इसको लेकर संशय जताया था।

वैसे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले रविवार को मन की बात कार्यक्रम में कहा था कि 30 सितंबर, 2016 तक काला धन घोषणा की स्कीम जारी रहेगी। इसके बाद कानून अपना काम करेगा। उद्योग जगत ने भी इस बैठक को काफी अच्छा बताया है।

 

बेनकाब नहीं होंगे अपना काला धन बताने वाले

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