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अपने एक गलत फैसले के कारण भाजपा और कांग्रेस के निशाने पर आए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपनी गलती सुधार ली है। जानकारी के अनुसार सत्येंद्र जैन ने अपनी बेटी सौम्या से मोहल्ला क्लिनिक के इंचार्ज पद सेइस्तीफा ले लिया है।

जैसा कि देखा गया है आम आदमी पार्टी की सरकार के मंत्रियों पर फर्जी डिग्री से लेकर महिलाओं पर छेड़खानी तक के आरोप लगते रहे हैं। इस बीच केजरीवाल के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर आरोप लग रहा था कि उन्होंने अपनी बेटी को अपने विभाग में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी थी।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिकसत्येंद्र जैन ने दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी मोहल्ला क्लिनिक योजना का मुखिया बनाया था। इतना ही नहीं उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का हेल् सेक्रेटरी कम मिशन डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

सत्येंद्र जैन की बेटी सौम्या जैन को अपने इस नए काम को सुचारु ढंग से चलाने के लिए दिल्ली सचिवालय की नवीं मंजिल पर एक कमरा दिया था, जिसमें उनकी पूरी टीम बैठती थी।

सौम्या की टीम में कुल सात लोग थे जिसका नेतृत्व दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के एक डाक्टर कर रहे थे। सचिवालय में सौम्या के विभाग को आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक मैनेजमेंट सेंटर का नाम दिया गया था।

अजीब बात ये है कि सौम्या की टीम में काम करने वाले ज्यादातर लोग वैतनिक हैं जबकि खुद सौम्या अपनी नई जिम्मेदारी के लिए सरकार से एक भी पैसा मेहनताने के तौर पर नहीं ले रही हैं।

जब सत्येंद्र जैन से इस बारे में पूछा गया कि आखिर क्यों उन्होंने अपनी बेटी को ही इस जिम्मेदारी के लिए चुना तो उनका जवाब था कि मेरी बेटी एक प्रमाणित आर्किटेक है और उसने ही मोहल्ला क्लिनिक की डिजाइन भी बनाई है।

अपने फैसले पर सफाई देते हुए सत्येंद्र जैन आगे कहते हैं कि दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक के उद्भव और विकास पर मेरी बेटी एक किताब भी लिख रही है। वो शुरु से ही इस प्रोजेक्ट से जुड़ी रही है और अब उसने इसे पूरी तरह अपना गोल बनाने का फैसला किया है।

स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि उनकी बेटी मोहल्लाक्लिनिक प्रोजेक्ट के पूरा होने तक इससे जुड़ी रहेगी। हालांकि इस काम के लिए उसे सरकार की ओर से एक भी पैसे का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

बता दें कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी में एक हजार मोहल्ला क्लिनिक की स्थापना करना है जिसमें से अब तक केवल 100 मोहल्ला क्लिनिकों की ही स्थापना की गई है।

दिल्ली सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मकसद गरीबों को कम पैसे पर उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के आसपास ही मुहैया कराना है।

बेटी को पहले दिया पद, फिर मांगा इस्तीफा

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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