जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी या उसके भाई खालिद मुजफ्फर वानी के परिवार को कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने खुलासा किया कि जनवरी, 2015 से इस राज्य में शहीद हुए 77 जवानों के परिजनों को इस तरह की अनुग्रह राशि दी गई है। राज्य विधानसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में महबूबा ने कहा, ‘खालिद मुजफ्फर वानी और बुरहान वानी के करीबी रिश्तेदार को कोई अनुग्रह राशि या मुआवजा उपलब्ध नहीं कराया गया है।’ राज्य में गृह मामलों का प्रभार भी महबूबा के पास है।

दिसंबर 2016 में खबर आई थी कि पुलवामा के उपायुक्त की ओर से अधिसूचना जारी करके आतंकी घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए जिला स्तरीय जांच सह परामर्श समिति (डीएलएससीसी) ने मुआवजा राहत को मंजूरी दी है। आतंकी घटनाओं में मारे गए 17 लोगों की सूची में वानी के भाई खालिद मुजफ्फर वानी का नाम भी है जिसकी पिछले साल 13 अप्रैल को त्राल के बुचू वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों की ओर से की गई गोलीबारी में मौत हो गई थी।

बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद कश्मीर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान जन-जीवन प्रभावित हुआ था। ये आंदोलन कई महीनों तक चले, जिसे आम लोगों को काफी दिक्कत हुई। कई दिनों तक घाटी में कर्फ्यू लगा रहा। इस दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ में 86 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और सैंकड़ों घायल हो गए थे।

बुरहान वानी के परिजनों को नहीं दिया कोई मुआवजा : महबूबा मुफ्ती

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