मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गत पांच फरवरी को आयोजित बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के क्लर्क ग्रेड की परीक्षा का परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हो गया था, जिसको रद्द किए जाने की घोषणा किए जाने के साथ बीएसएससी के सचिव सहित दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

पटना स्थित पुराना सचिवालय में बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नीतीश ने कहा कि मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक पी के ठाकुर की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने बीएसएससी के क्लर्क ग्रेड की परीक्षा को रद्द कर दिया है। इस परीक्षा को रद्द किए जाने की घोषणा करने के पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों से इसको लेकर विस्तृत बैठक की थी।

उल्लेखनीय है कि गत 6 फरवरी को नीतीश ने कहा था कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने से संबंधित जो खबरें समाचार पत्रों में आयी है उसके आलोक में मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से उन्होंने बात की है। उन्हें निर्देश दिया है कि इस मामले की गहराई से हर पहलू की जांच की जाये। सभी दृष्टिकोण से जांच कराने का निर्देश दिया गया है। गत पांच फरवरी को उक्त परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने पर नवादा जिला में बीएसएससी की परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए परीक्षार्थियों को नकल कराने वाले 28 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जबकि एसएससी द्वारा प्रश्नपत्र लीक होने से इंकार किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के क्लर्क ग्रेड की इस परीक्षा के लिए प्रत्येक उम्मीदवार से दो से पांच लाख वसूला गया था। विदित हो कि इससे पूर्व बिहार विद्यालय समिति द्वारा प्लस 2 परीक्षा में टॉपर्स घोटाले के बाद परीक्षा में धांधली मामले में समिति के अध्यक्ष लालकेश्वर सिंह, उनकी पत्नी एवं पूर्व जदयू विधायक उषा सिन्हा और वैशाली जिला के एक महाविद्यालय के प्राचार्य बच्चा राय सहित कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

बीएसएससी प्रश्नपत्र लीक, नीतीश कुमार ने रद्द की परीक्षा

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