dadri-bisahada_1458977712

देश-दुनिया में सुर्खियां बटोरने वाले बिसाहड़ा कांड मामले में मंगलवार को आए मोड़ से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में बीफ की पुष्टि होने के बाद अब भाजपा ने इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में हथियार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

हाईकमान से यह निर्देश मिले हैं कि सपा को निशाना बनाना है, किसी विशेष समुदाय के बारे में नहीं बोलना। मंगलवार को जैसे ही बीफ की पुष्टि हुई तो पीड़ित पक्ष और भाजपा को जनता के बीच जाकर सच्चाई रखने का मौका मिल गया।

सवाल यह उठ रहे हैं कि प्रदेश सरकार को अगर इस रिपोर्ट के बारे में जानकारी थी तो इसे उजागर क्यों नहीं की गई। पीड़ित परिवार की मदद करनी प्रदेश सरकार के लिए कितना सही है, तमाम मुद्दे भाजपा के हाथ लग गए हैं। अब सही वक्त का इंतजार किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा को हाईकमान से निर्देश मिले हैं कि बिसाहड़ा कांड को लेकर सपा को ही घेरना है।

इसमें किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं बोलना है, ताकि विधानसभा चुनाव में कोई विशेष समुदाय नाराज न हो जाए, चूंकि पार्टी को याद है कि बिहार चुनाव के वक्त यह मामला उछलने से पार्टी को फायदे की जगह नुकसान हुआ था, इसलिए अब फूंक-फूंककर कदम उठाया जा रहा है।

सपा के पास खोने के लिए कुछ नहीं
सूत्रों की मानें तो सपा ने बहुत ही सोच समझकर इस मुद्दे पर कदम उठाया है। गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, हापुड़, मुजफ्फरनगर व मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के पास कुछ खोने को नहीं है।

भले ही भाजपा घेराबंदी करके लोगों के बीच जाए, लेकिन अब सपा की मजबूरी है कि कदम पीछे नहीं खींच सकती। जनता के बीच जाकर यही कहेगी कि जो भी किया सही किया।

गौतमबुद्ध नगर के सांसद व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा के मुताबिक बिसाहड़ा कांड का मामला कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। अब प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस मसले पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करे।

बिसाहड़ा कांड को नए सिरे से चुनावी मुद्दा बनाएगी भाजपा

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-