mp_26_08_2016

भोपाल। राजधानी सहित प्रदेश के सभी शहरों में दो हजार से ज्यादा अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए सरकार नियम शिथिल करने जा रही है। इसके लिए नगरीय प्रशासन संचालनालय नए नियम अगले 15 दिनों में तय कर लेगा, इसके तहत यदि लोग नियमतिकरण के लिए जरूरी विकास शुल्क नहीं भी देते हैं तो नगर निगम अवैध कॉलोनियों में पानी और सीवेज नेटवर्क की सुविधा मुहैया कराएगा।

गुस्र्वार को इसके प्रारंभिक मसौदे पर संचालनालय में हुई बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह और अफसरों में सहमति बन गई है। वहीं वैध और अवैध दोनों ही कॉलोनियों में बने अवैध मकानों में कंपाउंडिंग फीस (जुर्माना)की दरें भी कम की जा रही है। अब बतौर जुर्माना बिल्डिंग परमिशन फीस की पांच गुना रकम चुकाने पर भी मकान वैध घोषित कर दिए जाएंगे।

गुस्र्वार को मंत्री माया सिंह ने संचालनालय में मेट्रो परियोजना, मुख्यमंत्री पेयजल व शहरी अध्ाोसंरचना विकास कार्यक्रमों की समीक्षा कर रही थीं। इसी दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विध्ाान सभा में अवैध्ा कॉलोनियों को नियमति करने की घोषणा पर चर्चा हुई। संचालनालय के कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने अगले 15 दिनों में इसका अंतिम मसौदा तैयार करने का दावा किया।

यह बदलाव भी होंगे

– ईडब्ल्यूएस और एलआईजी की सूची कलेक्टर कार्यालय से मंजूरी की बजाय विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। यहीं पर दावे-आपत्ति के बाद सूची को मंजूर कर दिया जाएगा।

– कॉलोनाइजर्स लाइसेंस के लिए कॉलोनाइजर्स को पुलिस की एनओसी की जरूरत नहीं होगी।

सरकार ने बदला फार्मूला

वैध और अवैध दोनों ही कॉलोनियों में अवैध निर्माणों को वैध करने के लिए सरकार ने एक बार फिर अपना फार्मूला बदल दिया है। इसके तहत यदि आपने मकान की परमिशन नहीं ली है, तो फीस की पांच गुना तक रकम चुकाकर आप मकान वैध करवा सकते हैं। पहले बनाए गए प्रस्ताव में यह रकम दस गुना तक थी। यही नहीं, आपने वैध हिस्से के बाद भी 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त निर्माण बिना अनुमति के कर लिया।

तो इसके लिए अवैध हिस्से की पांच प्रतिशत तक की कीमत बतौर जुर्माना देना होगा। नगरीय प्रशासन संचालनालय के कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने भूमि विकास नियम को हवाला देते हुए इसकी एक ही दर प्रस्तावित की है। इस प्रस्ताव को मंत्री ने मंजूरी ने दी है। अब विधि-विभाग की मंजूरी के बाद सितंबर तक तक यह प्रस्ताव कानून का रूप ले लेगा।

नए फार्मूले में फीस अधिकतम 28500 रुपए होगी

नए फार्मूले में 350 वर्गमीटर की बिल्डिंग परमिशन फीस 4000 रुपए की पांच गुना यानी 20 हजार रुपए देनी होगी। साथ ही 125 फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) में अधिकतम 10 प्रतिशत अतिरिक्त निर्माण भी किया है तो कुल अवैध निर्माण 43.75 वर्गमीटर होगा। इसकी वर्तमान कलेक्टर गाइडलाइन कीमत 11,37,500 रुपए होगी, जिसकी सात प्रतिशत रकम 56,875 रुपए होगी। दोनों ही को जोड़ने पर कुल कंपाउंडिंग शुल्क महज 76,875 रुपए होगा। यानी पहले की तुलना में 35.51 गुना रकम कम जमा करनी होगी।

अवैध कॉलोनियों के लिए कॉलोनाइजर्स रूल्स में बदलाव का प्रारंभिक मसौदा तैयार कर लिया है। विकास शुल्क पर अभी फैसला लेना बाकी है। फिर भी संचालनालय अपने स्तर पर अगले 15 दिनों में इसका अंतिम मसौदा तैयार कर लेगा। विवेक अग्रवाल, कमिश्नर, नगरीय प्रशासन

बिल्डिंग परमिशन फीस का पांच गुना दो, मकान वैध कराओ

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