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केंद्रीय विद्युत, कोयला, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री स्वतंत्र प्रभार पीयूष गोयल ने दावा किया है कि भीषण गर्मी के बावजूद केंद्र के पास सरप्लस बिजली है। उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में बिजली संकट है तो वहां की सरकारें इसके लिए जिम्मेदार हैं।

इन सरकारों को विधानसभा चुनाव में वहां की जनता जवाब देगी। वह शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर एनटीपीसी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आगामी छह माह में नॉर्थ ईस्ट के गांव बिजली से जुड़ जाएंगे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था कि मनमोहन सरकार कहती थी कि उनके पास कोयले की कमी है। आज की स्थिति एकदम विपरीत है। केंद्र के पास पर्याप्त कोयला है। किसी प्लांट में कोयले की कमी नहीं है।

विशेषकर यूपी में बिजली संकट को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में कहा कि पीक आवर में यूपी के लिए दोपहर के समय दो रुपये 52 पैसे में बिजली उपलब्ध है। कांग्रेस के समय में पीक आवर में यह दर 12 रुपये प्रति यूनिट तक हुआ करती थी। अब जबकि सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध है। इसके बावजूद यूपी सरकार हो या अन्य गैर भाजपाई सरकारों का बिजली संकट रोना समझ से परे है।

दिल्ली में 3.70 रुपये प्रति यूनिट

उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर को दिल्ली, राजस्थान और पंजाब के लिए तीन रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और बिहार सहित कई राज्यों के लिए दो रुपये 52 पैसे प्रति यूनिट की दर से यह उपलब्ध है। साथ ही उन्होंने कुछ राज्यों के लिए एक से डेढ़ रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध होने का भी दावा किया।

बिजली संकट के लिए राज्य सरकारें जिम्मेदार : गोयल

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