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बीते कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ से यूरोप के कई देश प्रभावित हैं। जर्मनी और फ्रांस का सबसे बुरा हाल है। इन दानों देशों में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। ऑस्ट्रिया और पोलैंड में भी हालात खराब हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति ने प्रभावित इलाकों में आपातकाल लागू कर दिया है। राजधानी पेरिस की सीन नदी का जलस्तर शुक्रवार को तीन दशक के सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। नदी का पानी बढ़कर 19 फीट तक पहुंच गया है।

इसके कारण राजधानी की सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं हैं। मशहूर लूव्र और यूसी डी ओर्से संग्रहालय बंद कर दिया गया है। कलाकृतियों को बाढ़ की पहुंच से दूर ले जाने की कवायद शुरू हो गई। सालाना एक करोड़ से ज्यादा लोग इन दोनों संग्रहालयों में पहुंचते हैं। एफिल टावर पहले ही पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। लोगों को नदी के पास वाले इलाकों में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मध्य फ्रांस के कुछ शहरों को 100 साल की सबसे खतरनाक बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। अब तक पांच हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए गए हैं। 19 हजार घरों में बिजली आपूर्ति बंद है।

सीन नदी के नजदीक रेलवे लाइन को भी बंद कर दिया गया। पेरिस के उपनगरीय क्षेत्रों में बचाव दल नौकाओं के जरिये लोगों की मदद करने में जुटा है। यहां के मोंटाग्रिस उपनगर में पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि केवल कारों की छतें दिखाई दे रही थीं। फ्रांस के अलावा जर्मनी में भी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। दोनों देशों में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है।

 

बाढ़ से यूरोप बेहाल, पानी में डूबीं पेरिस की सड़कें

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