swami-prasad-maurya_1466608953

राष्ट्रीय महासचिव और नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के बसपा का दामन छोड़ने के बाद आगरा में भी हलचल तेज हो गई है। बसपा के पांच पूर्व विधायकों को निकाले जाने के बाद पार्टी के साथ खड़े तीन प्रमुख नेताओं पर निगाह रखी जा रही है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने साथ कई विधायकों के समर्थन का दावा किया है, इससे पार्टी में चिंता है।

यही वजह है कि उनके ‘स्वामीभक्त’ नेताओं को अपने पाले में बनाए रखना बसपा के लिए चुनौती भरा होगा। बसपा के लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष रहे राष्ट्रीय महासचिव और नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के आगरा में कई बसपा नेताओं से नजदीकी संबंध हैं। कई परिवारों से मौर्य सीधे जुड़े हुए थे। समाज के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी और भागीदारी रही है।

ऐसे में मौर्य के बसपा छोड़ने के बाद पार्टी पदाधिकारियों को ऐसे नेताओं पर नजर रखने को कहा गया है। बसपा द्वारा हाल में ही पूर्व मंत्री और पूर्व एमएलसी को निकाले जाने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के इस कदम को बड़े झटके के रूप में माना जा रहा है। बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़ स्वामी प्रसाद मौर्य के पार्टी छोड़ने के असर के सवाल पर ही बिफर गए। सवाल को कोई जवाब नहीं दिया।

 

बसपा में पैसे लेकर टिकट देने के आरोप नए नहीं हैं। बसपा छोड़ने वाले नेताओं ने कई बार ऐसे आरोप लगाए हैं, लेकिन इस बार जब स्वामी प्रसाद मौर्य ने टिकट बेचने की बात कही तो आगरा के स्थानीय कार्यकर्ताओं को इस बात में दम नजर आया। बुधवार शाम को पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर चर्चा रही कि पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा के प्रत्याशी चुनने तक में पैसे का बोलबाला रहा है। बता दें कि अमर उजाला ने बुधवार के अंक में ही पाठकों को बता दिया था कि बसपा में उलटफेर का ट्रेलर है, पिक्चर तो अभी बाकी है….

25 की बैठक में होगा दावे का परीक्षण
बसपा अध्यक्ष ने 25 जून को लखनऊ में पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है। बसपा छोड़ने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थक विधायक अगर इस बैठक से गैरहाजिर रहते हैं तो मौर्य का दावा और मजबूत हो जाएगा। मौर्य समर्थक बुधवार शाम से ही इस दिशा में सक्रिय हो गए हैं।

बसपा को झटका दे सकते हैं मौर्य के 3 करीबी दिग्गज नेता

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
About The Author
-