मियामी। खुद को अमेरिका में हुए 9/11 के आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताने वाले आतंकी खालिद शेख मुहम्मद ने बराक ओबामा को पत्र लिखकर अपने कृत्य को सही ठहराया था। उसने यह पत्र ओबामा को व्हाइट हाउस छोड़ने से चंद रोज पहले लिखा था। पत्र में खालिद ने व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर और अन्य स्थानों पर हुए आतंकी हमलों को अमेरिकी विदेश नीति की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया था।

खालिद इस समय ग्वांतनामो जेल में कैद है और उस पर लगे आरोपों की मिलिटरी कमीशन सुनवाई कर रहा है। खालिद उन पांच कैदियों में से एक है जिन पर आतंकी हमले में शामिल होने के चलते मुकदमा चल रहा है।

उसने अपने पत्र में लिखा है कि सुनवाई के बाद उसे उम्रकैद या मौत की सजा दी जाती है, इसकी उसे परवाह नहीं है। अगर उसे उम्रकैद की सजा मिलती है तो उसे अल्लाह का नाम लेते हुए बाकी का जीवन काटने में खुशी होगी। अगर मौत की सजा दी जाती है तो उसे ज्यादा खुशी होगी। तब वह अल्लाह और अपने उन तमाम दोस्तों से मिल सकेगा जिन्हें निर्दोष होते हुए भी पूरी दुनिया में जहां-तहां मारा गया। तब उसकी मुलाकात शेख ओसामा बिन लादेन से भी होगी।

इस पत्र को द मियामी हेरल्ड अखबार ने प्रकाशित किया है। इसकी एक प्रति कैदी खालिद के वकील ने एसोसिएटेड प्रेस को भी मुहैया कराई। वकील को संदेह है कि इस पत्र को राष्ट्रपति के तौर पर ओबामा ने देखा भी होगा। खालिद और उसके साथियों के हमले में अमेरिका में तीन हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।

बराक ओबामा को 9/11 के मास्टरमाइंड ने लिखा पत्र

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