नई दिल्ली। माना जा रहा है कि नोटबंदी के बाद सरकार का ध्यान सेंटिमेंट सुधारने पर है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बजट में ऐसे प्रावधान किए जा सकते हैं, जिससे लोगों की टेकहोम सैलेरी बढ़ सकती है।

साथ ही कंपनियों के कार्पोरेट टैक्स को भी कम किया जा सकता है, जिससे कंपनियों को फायदा होगा। माना जा रहा है कि इससे मांग और निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ेगा, जिससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी बढ़ेगी।

सरकार का मानना है कि बजट में लोगों की टेकहोम सैलरी बढ़ाने के उपाय करने से लोग सामान और सेवाओं पर खर्च बढ़ाएंगे। कॉर्पोरेट टैक्स भी घटाया जा सकता है, ताकि कंपनियां निवेश शुरू करें। इन दोनों स्थितियों से ही अर्थव्यवस्था को रफ्तार पकड़ने में मदद मिलेगी।

सरकार लोगों की खरीद की क्षमता बढ़ाना चाहती है, जिससे मांग बढ़े।’ हाल में सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) ने वित्त वर्ष 2017 में जीडीपी ग्रोथ के 7.1 फीसद रहने का अनुमान लगाया था, जबकि पिछले साल ग्रोथ 7.6 फीसद थी।

वहीं, प्राइवेट एजेंसियों और ब्रोकरेज हाउसों का कहना है कि वृद्धि में काफी कमी आएगी। ऐसे में सरकार को अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए स्टीमुलस पैकेज देना पड़ सकता है।

बजट 2017: इस बार बढ़ सकती है टेक होम सैलेरी

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