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संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा में सामूहिक नकल करने वाले टॉपर्स समेत 28 परीक्षार्थियों का रिजल्ट सोमवार को निरस्त कर दिया। इन सभी ने गाजीपुर के बुद्धं शरणं इंटर कॉलेज में एक ही कमरे में परीक्षा दी थी।

जांच में परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल किए जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद रिजल्ट निरस्त करने के साथ ही केंद्र अधीक्षक (प्रिंसिपल) पारस सिंह कुशवाहा के खिलाफ सदर थाने में एफआईआर दर्ज कराने केलिए एसएसपी गाजीपुर को पत्र भेजा गया है।

पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा एक मई को प्रदेश के 1,172 केंद्रों पर हुई थी और 10 जून को प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था। परिषद के अफसरों को रिजल्ट में एक ही परीक्षा केंद्र पर ए ग्रुप के 12 परीक्षार्थियों के टॉपर्स लिस्ट में स्थान बनाने से शंका हुई। जांच में पता चला कि केंद्र के 28 परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं लगभग एक सी हैं। सही जवाब के साथ ही गलत जवाब भी लगभग समान रहे।

इस वजह से  28 अभ्यर्थियों के रिजल्ट संदिग्ध मानकर रोक दिए गए थे। मामले की जांच के लिए जेडी मनोज कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम बनाई  गई थी, जिसने इन टॉपर्स और केंद्र अध्यक्ष को 23 जून को परिषद दफ्तर बुलाया था। इनमें सात टॉपर्स व केंद्र अध्यक्ष ही उपस्थित हुए थे।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने गाजीपुर के बुद्घं शरणं इंटर कॉलेज को काली सूची में डालने की सिफारिश की है। परिषद के सचिव एफआर खान ने बताया कि इन सभी परीक्षार्थियों के रोल नंबर अलग-अलग होने के बावजूद कॉलेज के कमरा नंबर 23 में सभी को एक साथ बैठाया गया था। इस वजह से कॉलेज के प्रिंसिपल के साथ ही केंद्र अधिकारी व जोनल अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है।

परीक्षा केंद्र का नाम तक नहीं लिख पाए थे टॉपर
जांच के दौरान 23 जून को संदिग्ध टॉपर्स को लखनऊ में संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद कार्यालय बुलाया गया था। इनका मामूली टेस्ट लिया गया तो उनकी पोल खुल गई। टॉपर्स अपने परीक्षा केंद्र बुद्धं शरणं इंटर कॉलेज का नाम तक सही नहीं लिख पाए थे। अपने रोल नंबर की अंग्रेजी में स्पेलिंग तक नहीं लिख पाए थे। उनको सामान्य सवालों के जवाब भी नहीं पता थे।

सिर्फ रिजल्ट निरस्त, पर नहीं हुई कार्रवाई
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने सामूहिक नकल की पुष्टि होने पर सभी 28 परीक्षार्थियों के रिजल्ट निरस्त कर दिए हैं और केंद्र अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है, लेकिन इन फर्जी टॉपर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सिर्फ रिजल्ट निरस्त करके ही अभ्यर्थियों को छोड़ दिया गया है, जबकि बिहार में टॉपर्स के खिलाफ इसी तरह का मामला पकड़े जाने पर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।

 

नामप्रवेश परीक्षा में रैंक
अभिषेक कुमार बिंद–3
अंकित वर्मा–5
महेंद्र सिंह यादव–7
अभ्युईत राय–8
कुमारी पारुल यादव–9
हरिनंद यादव–10

कुमारी अमृता–11
कल्पनाथ यादव–12
नैयर समदानी–15
संदीप मौर्या–16
सत्येंद्र यादव–19
यशवंत यादव–21
विवेक सिंह यादव–24

अभिषेक यादव–25
रितुराज यादव–26
शहुुवाल खान–27
विशाल यादव–29
जितेश कुमार राय–30
अजय यादव–31

आयुष सिंह–37
शुभम गुप्ता–38
कनकलता–39
देवेंद्र यादव–45

सैयद शजर रजा–47
बिपुल सिंह यादव–52
पंकज यादव–88
प्रदीप कुशवाहा–440
अरुण सिंह कुशवाहा–500 से ऊपर रैंक

इस पर संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एफआर खान का कहना है कि गाजीपुर के बुद्धं शरणं इंटर कॉलेज में प्रवेश परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल की पुष्टि हुई है। इस वजह से कॉलेज केंद्र अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की गई है। 28 परीक्षार्थियों का रिजल्ट निरस्त कर दिया गया है।

पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा: टॉपर्स समेत 28 के रिजल्ट निरस्त

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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