pava-shells-pellet-guns_25_08_2016

नई दिल्ली। कश्मीर में इस्तेमाल के लिए पैलेट गन का विकल्प खोजने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने नव-विकसित “पावा (पीएवीए) गोलों” का चुनाव किया है। मिर्च से भरे ये गोले कम घातक हैं और लक्षित व्यक्ति को कुछ मिनट के लिए अक्षम बना देते हैं।

समिति ने इसी हफ्ते की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी में पेलार्गोनिक एसिड वेनिललिल एमाइड (पीएवीए) गोलों का प्रदर्शन देखा था। कश्मीर में भीड़ नियंत्रण व विरोध प्रदर्शन जैसे हालत में पैलेट गन के स्थान पर इनके इस्तेमाल को समिति ने उपयुक्त पाया।

इस मामले में तैयार ब्लूप्रिंट के मुताबिक, वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद की लखनऊ स्थित भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान की प्रयोगशाला में एक साल से भी ज्यादा समय से “पावा गोलों” का परीक्षण किया जा रहा था।

इनका पूर्ण विकास ऐसे समय हुआ है जब इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। सूत्रों ने बताया कि समिति ने ग्वालियर स्थित सीमा सुरक्षा बल की टियर स्मोक यूनिट को इन गोलों के तुरंत उत्पादन (करीब 50 हजार गोले) का कार्य सौंपने का सुझाव दिया है।

पैलेट गन का विकल्प बनेंगे मिर्च से भरे ‘पावा गोले’

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