इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने पनडुब्बी से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइल के पहले सफल परीक्षण का दावा किया है। परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम बाबर-3 की मारक क्षमता 450 किलोमीटर बताई गई है।

मगर, इसके कुछ ही देर बाद ये रिपोर्ट्स सामने आने लगीं हैं कि इस्लामाबाद ने इसका फर्जी वीडियो जारी किया है। अपनी बात को बल देने के लिए विशेषज्ञों ने टेक्निकल एविडेंस भी दिए हैं, जो यह जाहिर करते हैं पाकिस्तान ने फर्जी मिसाइल का वीडियो जारी किया है।

पठानकोट के सैटेलाइट इमेजरी एनालिस्ट ने बताया कि पाकिस्तान ने हथियार की फ्लाइट को दिखाने के लिए कंप्यूटर ग्राफिक्स का उपयोग किया है। एक्सपर्ट ने कई ट्वीट करके दावा किया कि पाकिस्तान ने मिसाइल की कंप्यूटर जनरेटेड इमेज को पृष्ठभूमि में लगाकर यह दिखाया है कि बाबर-3 का परीक्षण सफल रहा है।

सेवानिवृत्त कर्नल विनायक इमेजरी एक्सपर्ट हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की सेना की ओर से जारी किया गया वीडियो कंप्यूटर जनरेटेड लग रहा है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ओर से जारी किए गए वीडियो में मिसाइल का रंग भी सफेद से बदलकर ऑरेंज होता दिख रहा है। यहां तक कि मिसाइल की स्पीड भी असंभव रूप से अधिक है।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को एक बयान में कहा कि हिंद महासागर में अज्ञात स्थल से इसका परीक्षण किया गया। मिसाइल को पानी के नीचे गतिमान प्लेटफॉर्म से छोड़ा गया और उसने सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदा।

बीते दिसंबर में पाकिस्तान ने जमीन से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइल बाबर-2 का सफल परीक्षण किया गया था। बयान के अनुसार पानी के अंदर ही नियंत्रित प्रणोदन, उन्नत मार्गदर्शन, नौवहन विशेषता समेत कई अत्याधुनिक प्रोद्यौगिकी से बाबर-3 लैस है।

दुश्मन के रडार और वायु रक्षा प्रणाली से बच निकलने की क्षमता भी इस मिसाइल में है। बाबर-3 जमीन पर हमला करने के लिए विभिन्न प्रकार के भारों को ले जाने में सक्षम है और यह परमाणु हमले की स्थिति में पलटवार करने की पाकिस्तान की ताकत को भरोसेमंद क्षमता प्रदान करती है।

पाकिस्तान ने फर्जी किया बाबर 3 मिसाइल का परीक्षण

| देश विदेश | 0 Comments
About The Author
-