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लखनऊ । केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट बंद किए जाने की घोषणा से मची अफरातफरी से निपटने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक समेत सभी बैंकों ने पूरी तैयारी कर ली है। बैंकों में रुपये कल ही पहुंच गये थे। अाज सुबह से कर्मचारियों को भी जल्दी बुला लिया गया था। कल देर रात काम के बाद सुबह से भी कर्मचारियों व अधिकारियों की फौज आरबीआइ में डटी है। आरबीआइ के अधिकारियों के

बुधवार देर शाम आठ बजे तब आरबीआइ से करीब 700 करोड़ रुपये मूल्य के सौ और दो हजार रुपये के नोट विभिन्न बैंकों की सरकारी शाखाओं को जारी कर दिए गए। वहां से बैंकों ने अपनी करेंसी चेस्ट शाखाओं में भिजवाया। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में नोट पहुंचे फिर देर रात तक शहर की शाखाओं में भेजे गए।

बड़े मूल्य के नोट बंद करने के बाद बैंकों में पड़े धन का गलत प्रयोग न हो, इसके लिए आरबीआइ ने बैंक मुख्यालयों को निर्देश जारी कर आनन फानन में सभी शाखाओं में मौजूद पुराने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट की संख्या मंगा ली। सूत्रों के अनुसार कानपुर जिले की सभी शाखाओं में करीब 750 करोड़ रुपये थे। जिसमें से पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों का मूल्य करीब 500 करोड़ रहा। ये सारे नोट सील कर दिए गए हैं। बैंक इन्हें आरबीआइ को वापस करेंगे।

इसके अलावा शाम तक विभिन्न बैंक शाखाओं में 700 करोड़ रुपये के नये नोट जारी किए जा चुके थे।

 

पहले ग्रामीण क्षेत्रों में फिर शहर की शाखाओं में पहुंचे नैय नोट

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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