नई दिल्ली। जिस बहादुरी के साथ भारतीय सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल के दूसरी ओर पाक समर्थित आतंकी संगठनों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी, उसकी आधिकारिक जानकारी पहली बार सामने आई है। मीडिया में आ रही रिपोर्ट्स में उन दस्तावेजों के हवाले से यह जानकारी दी जा रही है, जिसके आधार पर वीरता मेडल दिए गए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वीरता पदक पाने वाले छह सैनिकों ने खुद कम से कम 10 लक्ष्यों को तबाह किया। इनमें से अधिकतर ने नजदीकी लड़ाई में दुश्मनों को ठिकाने लगाया। एक अधिकारी ने पराक्रम दिखाते हुए अकेले ही नजदीक लड़ाई में चार लक्ष्यों को तबाह कर दिया।

इसके अलावा 29 सितंबर को हुई सर्जिकल स्ट्राइक में एक स्नाइपर ने बंकर में छिपे दुश्मनों को बंकर के छेद से अपना निशाना बनाया। हमले की जद में आने के बावजूद भी वह दुश्मनों से आमने-सामने की लड़ाई कर रहे भारतीय सैनिकों को कवर फायर देता रहा।

सेना के रिकॉर्ड में दर्ज है कि कार्रवाई के बाद दुश्मन के इंटरसेप्ट्स से इस बात की पुष्टि होती है कि आतंकवादियों के अलावा उनके ठिकाने भी तबाह हो गए। इसके अलावा, उन्हें मदद पहुंचाने वाले दुश्मन भी मारे गए। रिपोर्ट में आगे लिखा है कि सैनिक ने निर्णायक सोच, दृढ़ संकल्प और अदम्य साहस का परिचय देते हुए चार दुश्मनों को ठिकाने लगाया और यह सुनिश्चित किया कि कोई दुश्मन मौके से भाग न पाए।

रिकॉर्ड में लिखा है कि एक अनुभवी सैनिक ने जब यह देखा कि उसके पक्ष को जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है, तो वह अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए फायरिंग कर रहे दुश्मनों की ओर दौड़ पड़ा। उसने अपने साथियों की जान बचाने के साथ ही दो दुश्मनों को गोलियों से भून डाला।

पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक पर सामने आई आधिकारिक जानकारी

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-