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सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा में जाटों के उग्र आंदोलन के बाद अब पश्‍िचमी उत्तर प्रदेश में राजपूत समाज ने भी आरक्षण की मांग की है। गुरुवार को राजपूतों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

केंद्र सरकार और सभी राज्‍य सरकार की नौकरियों में राजपूत समुदाय 35 फीसद आरक्षण चाहता है। हजारों की संख्‍या में प्रदर्शनकारी कारों और मोटरसाइकिलों पर सवार होकर करीब 11 बजे नोएडा के सेक्‍टर 33 में जमा हो गए थे। यह प्रदर्शन क्षत्रिय सेना की ओर से किया गया था। समुदाय के सदस्‍यों ने इस संगठन को साल 2011 में बनाया था।

प्रदर्शनकारी इसके बाद रैली को 12/22 के इंटरसेक्‍शन, सेक्‍टर 16 और 18 तक ले गए, जो कि नोएडा का सबसे व्‍यस्‍त व्‍यावसायिक इलाका है। सेक्‍टर 18 के बाद दादरी-सूरजपुर-छालेरा (डीएससी) रोड तक रैली गई। कारों की छतों पर बैठे प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे कि अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे बहुत लड़ाई है।

गौरतलब है कि इससे पहले मुजफ्फरनगर में एक महापंचायत का आयोजन कर राजपूत समाज ने निर्णय लिया था कि वह 7 जून को जंतर-मंतर पर धरना देकर राजनाथ सिंह का घेराव करेंगे। क्षत्रिय सेना के महासचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा क‍ि हमारे समुदाय ने देश के लिए बहुत योगदान और बलिदान दिया है। ऐसे में सरकारी नौकरियों में हमें बड़ा हिस्‍सा मिलना चाहिए।

उन्‍होंने कहा क‍ि केंद्र और सभी राज्‍य सरकार की नौकरियों में 35 फीसद राजपूतों को आरक्षण देना चाहिए क्‍योंकि हमारा सामाजिक स्‍तर गिर रहा है। इस संगठन के सदस्‍यों ने दावा किया कि अन्‍य राज्‍यों के राजपूतों का भी उन्‍हें समर्थन मिला हुआ है।

इस रैली के बाद राजस्‍थान, उत्‍तर प्रदेश के अन्‍य हिस्‍सों, हरियाणा, बिहार और अन्‍य राज्‍यों ने फैसला किया है कि वे इस साल अक्‍टूबर में दिल्‍ली में रैली करेंगे। एक प्रदर्शनकारी विपिन सिंह ने कहा कि अभी तक हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहे हैं और हम मुख्‍यमंत्री और प्रधानमंत्री तक को पत्र लिख चुके हैं। मगर, अब हम सरकार का ध्‍यान इस ओर आकर्षित करने के लिए हरियाणा में जाटों की तरह का प्रदर्शन करना चाहते हैं।

पश्‍चमी यूपी में राजपूतों ने उठाई आरक्षण की मांग

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