सपा के दोनों धड़ों में सुलह को लेकर बात न बनी तो मुलायम सिंह यादव चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारेंगे। उम्मीदवारों की नई सूची जारी करेंगे। साथ छोड़ने वालों पर कार्रवाई भी करेंगे।सपा मुखिया मुलायम सिंह इस बात से आहत हैं कि सम्मेलन करके उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष से हटा दिया गया। अब सुलह की बात हो रही है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ने की मांग की जा रही है। वे इसे अपने सम्मान पर चोट मान रहे हैं। मिलने वालों से पीड़ा जाहिर कर रहे हैं।

वे चाहते हैं कि पार्टी एकजुट रहे, लेकिन इसके लिए वे खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ने की शर्त मानें, यह उन्हें मंजूर नहीं है। वजह, उन्होंने सपा को बनाया, खड़ा किया और सत्ता तक पहुंचाया।

उनके खेमे के नेताओं का कहना है कि सपा मुखिया अलग चुनाव नहीं लड़ना चाहते, लेकिन यदि पार्टी का विभाजन अपरिहार्य हो गया तो वह मजबूती से अपने प्रत्याशी उतारेंगे, उनके लिए चुनाव प्रचार भी करेंगे।

मुलायम उन विधायकों, मंत्रियों व नेताओं के टिकट काटेंगे जो संकट के समय उनका छोड़ गए। वह प्रत्याशियों की नई सूची जारी करेंगे।

सुलह के लिए आज फिर होगी बात
मुलायम खेमे के नेताओं के मुताबिक शनिवार को एक बार फिर सुलह की कोशिशें होंगी। इसमें आजम खां की अहम भूमिका हो सकती है।

नेताजी ने उनसे कह दिया है कि वह जो लिखकर ले आएंगे, उन्हें मंजूर होगा। मुलायम खेमा सीएम अखिलेश यादव की कई शर्तें मानने को तैयार है, लेकिन नेताजी के सम्मान से समझौता करने को तैयार नहीं है।

मुलायम सिंह यादव ने भारत निर्वाचन आयोग को चिट्ठी लिखकर पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल पर दावा ठोक दिया है। एक जनवरी को हुए राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद सपा दो खेमों में बंट गई है।

एक खेमे ने अखिलेश यादव को अध्यक्ष चुन लिया है जबकि मुलायम पहले से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। दोनों खेमों के बीच साइकिल को लेकर जद्दोजहद चल रही है। इसी क्रम में मुलायम ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने साइकिल पर अपना दावा जताया है।

न हुई सुलह तो अपने प्रत्याशी उतारेंगे मुलायम ‌‌सिंह

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