government may scrap faciltiy to exchange money at bank

पुराने 500 और 1000 के नोटों को बदलने की सीमा 2000 रुपये तक तय कर देने के बाद सरकार अब इस सविधा को पूरी तरह खत्म भी कर सकती है। सरकार धीरे-धीरे इस फैसले को वापस ले सकती है औैर लोगों को अपने करेंसी नोट सीधे बैंक अकाउंट में जमा करने को कह सकती है।

पहले 4000 रुपये तक 500 और 1000 के पुराने नोटों को बदलने की सुविधा दी गई थी। लेकिन बाद यह सीमा बढ़ा कर 4,500 रुपये कर दी गई। यानी 50 दिनों तक के लिए 4,500 रुपये के 500 और 1000 के पुराने नोटों के बदले नए नोट बदले लिये जा सकते थे। लेकिन बृहस्पतिवार को सरकार ने इस सीमा को घटा कर 2000 रुपये कर दिया। यह सुविधा भी सिर्फ एक बार के लिए है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार ने पहले 4000 और 4500 रुपये की सीमा बाजार में तरलता बरकरार रखने के लिए तय की थी। उनका कहना है कि 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के बाद से अब तक बाजार में जरूरी तरलता का 60 फीसदी हासिल कर ली गई है। जब बाजार में 100 फीसदी तरलता सुनिश्चित हो जाएगी तो नोट बदलने की सुविधा पूरी तरह खत्म की जा सकती है। सरकार नए नोटों के बाजार में पूरी तरह आ जाने का इंतजार कर रही है। इसके बाद नोट बदलने की सुविधा खत्म होने की संभावना है। 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान करते हुए सरकार ने कहा था कि 15 दिनों के बाद वह नोट बदलने की सीमा की समीक्षा करेगी।

अधिकारियों के मुताबिक नोट बदलने की सुविधा का कुछ लोग दुरुपयोग कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल वो अपने काले धन को बदलने में कर रहे हैं। इस समस्या के खात्मे के लिए नोट बदलने के लिए बैंकों में आने वाले लोगों की अंगुली पर अमिट स्याही लगाने का कदम उठाया गया। हालांकि यह अमिट स्याही सिर्फ महानगरों तक ही सीमित रह गई है।

आर्थिक मामलों के मंत्रालय के सचिव शक्तिकांत दास ने अभी कुछ दिनों पहले कहा था कि नोट बदलने की सीमा कम करने के पीछे मकसद एक ही शख्स की ओर से बार-बार आकर नोट बदलने की समस्या को खत्म करना था।

 

नोट बदलने की सुविधा को जल्द ही बंद कर सकती है सरकार

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