critisize-pm 10 11 2016

500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाए हैं।

ट्विटर और फेसबुक पर वीडियो संदेश अपलोड करके उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले को गरीब विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस फैसले से आम जनता को परेशानी हो रही है, जबकि अमीरों के मजे आ गए हैं।

गुरुवार को दिन में ट्विटर और शाम को फेसबुक पर जारी संदेश में केजरीवाल ने कहा कि मोदी ने अपने दोस्तों को एक सप्ताह पहले ही इस फैसले की जानकारी दे दी थी, जिसके बाद लोगों ने जमीन खरीद ली, सोना खरीद लिया।

उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसके सुबूत हैं। भाजपा ने उत्तर प्रदेश और पंजाब चुनाव केलिए पहले से ही धन का इंतजाम कर लिया। उन्होंने कहा कि मोदी के इस फैसले के बाद मैंने कई लोगों से बात की है।

उन्होंने कहा कि आज बैंकों के सामने किसान, आम आदमी, दुकानदार, व्यापारी, मजदूर लाइन में लगे हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बड़े-बड़े उद्योगपति लाइन में दिखाई नहीं दिए।

क्या कालाधन केवल किसान और मजदूर के पास है। दिसंबर 2015 में मोदी ने ट्वीट करके कहा था देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि कालाधन कहां पड़ा है।

उन्होंने कहा कि स्विस बैंक में देश का काला धन पड़ा है, उस पर कार्रवाई कब शुरू होगी। 2011 में करीब 600 लोगों की लिस्ट आई थी, लेकिन कांग्रेस ने मिलीभगत के चलते उन पर कार्रवाई नहीं की।

नोट बंदी से आम आदमी परेशान : केजरीवाल

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