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अमेरिका में नौ वर्ष की बच्ची सोफिया की ओर से राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखकर डॉलर पर महिलाओं की फोटो छापने की मांग के बाद वहां छिड़ी मुहिम का असर सात समंदर पार भारत में भी हुआ है। अमेरिका में जल्द ही बीस डॉलर के नोट पर दास प्रथा के खिलाफ लड़ने वाली हैरिएट टबमैन जबकि दस डॉलर के नोट पर महिला मताधिकार आंदोलन से जुड़ीं पांच महिलाओं की तस्वीरें छापने का निर्णय लिया गया है।

अपने देश की बात करें तो अब तक मंदिरों के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर आंदोलन और सफलता की बात की जा रही है। आर्थिक आजादी के नाम पर उन्हें कमाने की छूट तो मिल गई है लेकिन आर्थिक प्रबंधन को लेकर निर्णय लेने में अब भी वे पुरुषों से पीछे ही हैं।

अमेरिका द्वारा डॉलर पर महिला की फोटो छापने के बाद अपने देश में भी नई बहस छिड़ी है कि इंडियन करेंसी पर भी भारतीय समाज को योगदान देने वाली महिलाओं की फोटो छाप कर उन्हें बराबरी का दर्जा और सम्मान दिया जा सकता है। भारतीय डाक विभाग की ओर से महत्वपूर्ण हस्तियों के सम्मान और याद में डाक टिकट जारी किये जाते रहते हैं लेकिन भारतीय मुद्रा में अब तक ऐसी कोई पहल नहीं की गई है। इस पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ही जगह मिली है।

ईश्वर शरण डिग्री कालेज की समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. इंद्रा श्रीवास्तव कहती हैं, अब भी भारत में महिलाओं में जागरुकता की कमी है। जहां तक सम्मान की बात है तो भारतीय मुद्रा को लेकर रिजर्व बैंक की ओर से यदि कोई नीति निर्धारित नियम नहीं है तो भारतीय मुद्रा पर भी सर्वथायोग्य महिलाओं के चित्र छपने चाहिए।

विधि विशेषज्ञ और सीएमपी डिग्री कॉलेज के विधि विभाग के डॉ.ओम प्रकाश मिश्रा कहते हैं, भारतीय नोटों पर सिर्फ महात्मा गांधी के चित्रों को छापने का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है और न ही संविधान में इसके लिए कुछ कहा गया है। इंडियन करेंसी पर भी भारतीय समाज के लिए योगदान करने वाली महिलाओं के चित्र छपने चाहिए।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से जारी की जाने वाली इंडियन करेंसी पर गांधी जी का ही चित्र छापना अनिवार्य नहीं है। इसके लिए ऐसा कोई नियम जारी नहीं किया गया है। 1987 से पहले इंडियन करेंसी पर राष्ट्रीय स्मारक, अशोक की लाट आदि के चित्र बने होते थे।

भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक अनिल सिन्हा के अनुसार वर्ष 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में पांच सौ रुपये की नोट पर गांधी जी के चित्र छापे। इसके बाद यही क्रम जारी है। वर्ष 1996 में गांधी जी के चित्रों वाले नोट की विभिन्न सीरीज जारी की गई। आजादी से पूर्व नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्रों वाले नोट आजाद हिंद बैंक की ओर से जारी किए गए थे, बाद में उन पर कोई नोट नहीं जारी हुआ।

नोटों पर हो महिलाओं की भी तस्वीर

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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