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नोटबंदी के बाद देश के किसान भी परेशान हैं। इसे देखते हुए कृषि मंत्री ने मांग की थी कि पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट से किसानों को बीज खरीदने की छूट मिलनी चाहिए। कृषि मंत्रालय के इस मांग को वित्त मंत्रालय ने मानने से इनकार कर दिया है।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, मंगलवार को हुई मीटिंग के बाद वित्त मंत्रालय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 16 करोड़ जनधन अकाउंट एक्टिव हैं। ग्रामीण इसका प्रयोग करके नोट बदलवा सकते हैं या पैसे जमा कर सकते हैं।

बताते चलें कि कृषि मंत्री मोहन सिंह ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने निवेदन किया था कि 24 नवंबर तक एयरलाइंस, रेलवे, पेट्रोल पंप, और हॉस्पिटल की ही तरह सरकार द्वार चलाई जाने वाली सभी बीज और रबी की फसल के खरीद-बिक्री में पुराने नोट चलाई जाए।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को प्रूफ के लिए जो भी जरूरी कागज हैं, वह उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रबी की फसल के लिए 10 दिसंबर तक का समय काफी अहम होता है। उन्होंने डेटा पेश करते हुए मांग की कि 11 नवंबर तक 146.85 लाख हेक्टेयर अर्थात 23 प्रतिशत गेहूं बोया जा चुका है। जो कि इस साल के कुल लक्ष्य का 23 प्रतिशत होता है।

बताते चलें कि गुरुवार को वित्त मंत्रालय के सचिव शक्तिकांत दास ने का था कि अब किसान क्रेडिट कार्ड से 25 हजार रुपए निकाल सकते हैं। वहीं उन्होंने किसानों को हर हफ्ते 25 हजार रुपए निकालने की छूट दी है।  इसके लिए उन्हें सिर्फ केवाईसी की जरूरत होगी।

नोटबंदी पर किसानों के लिए छूट चाहते थे कृषि मंत्री, वित्त मंत्री ने ठुकराया

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