जम्मू सिटी इलाके में कुछ जगहों पर ऐसे पोस्टर-बैनर देखने को मिले हैं जिनमें रोहिंया और बांग्लादेशी मुसलमानों से राज्य छोड़कर चले जाने को कहा गया है। वेक अप जम्मूशीर्षक वाले इन पोस्टरों पर इलाके के लोगों को देश का इतिहास, संस्कृति और डोगरा समाज का अस्तित्व बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की गई है। पोस्टर पर जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के नेताओं के पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह की भी तस्वीर लगी हुई है। हर्ष देव ने कहा कि यह डोगरा समाज के अस्तित्व को बचाए रखने का सवाल है क्योंकि बाहरी लोगों के यहां बसने से समाज की पहचान खतरे में पड़ गई है।

पिछले हफ्ते स्टेट हाई कोर्ट की एक बेंच एक पीआईएल को मुख्य सचिव, कमिश्नर सेक्रेट्री होम और डीजीपी और जम्मू जोन के आईजी को पोस्ट एडमिश्न नोटिस दिया था। पीआईएल में रोहिंया और बांग्लादेशी की पहचान कर उन्हें वापिस डिपोर्ट करने की बात कही गई थी। पीआईएल वकील हुनर गुप्ता द्वारा डाली गई थी जो कि राज्य के बीजेपी लीगल सेल के भी एक मेंबर हैं। गुप्ता के केस के लिए आर्ग्यू करने वाले वरिष्ठ वकील सुनील सेठी ने कहा कि बांग्लादेश और म्यांमार के अवैध अप्रवासियों की तादाद में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बताए गए 13, 400 अप्रवासी राज्य में कई जगहों पर रह रहे हैं लेकिन उनकी तादाद में असल में काफी ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर अप्रवासी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। 

 

नेशनल पैंथर्स पार्टी के पोस्टरों में लिखा गया “बांग्लादेशी मुसलमान-रोहिंग्या जम्मू छोड़ो”

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