03 01 2017-vishalsikka 12 02 2017

देश की दूसरी सबसे बड़ी आइटी कंपनी इंफोसिस के निदेशक बोर्ड और संस्थापकों के बीच गतिरोध बना हुआ है। इसे देखते हुए कंपनी के सीईओ विशाल सिक्का सोमवार को मुंबई में संस्थागत निवेशकों से मिलेंगे। पूंजी बाजार नियामक सेबी भी इंफोसिस के ताजा घटनाकम पर निगाह रखे हुए है।

इस दिन सिक्का का मुंबई में कोटक की ओर से आयोजित सम्मेलन को संबोधित करने का कार्यक्रम है। इंफोसिस के सीईओ इसमें मौजूद फंड मैनेजरों को कंपनी के घटनाक्रम के बारे में स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।

ऐसे कार्यक्रम में आमतौर पर निवेशक व विश्लेषक व्यापक माहौल और कारोबारी चुनौतियों के बारे में सवाल करते हैं। लेकिन कंपनी के मौजूदा माहौल को देखते हुए इस कार्यक्रम में संस्थापकों व बोर्ड के बीच जारी गतिरोध के बारे में सवाल किए जाने की संभावना है। सिक्का व बोर्ड के कुछ सदस्य बाद में मीडिया से भी बातचीत करेंगे।

इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति ने खासतौर पर कंपनी में कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सिक्का को भारी-भरकम वेतन पैकेज दिए जाने को लेकर भी चिंता जताई है।

कंपनी में फौरन बने अंतरिम चेयरमैन

इंफोसिस में एक अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति फौरन होनी चाहिए। मौजूदा चेयरमैन रामास्वामी शेषासयी को इस्तीफा दे देना चाहिए। इंफोसिस के पूर्व सीएफओ वी बालकृष्णन ने यह बात कही है।

उनके मुताबिक कंपनी के संस्थापकों ने कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं।

किसी को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। इसी तरह इंफोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पई ने संस्थागत निवेशकों को सलाह दी है कि वे कंपनी के बही-खाते और कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर सवाल पूछें।

निवेशकों से मिलेंगे इंफोसिस के सीईओ

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