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चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय में संविदा शिक्षकों के भर्ती घोटाले में निलंबित कुलपति डॉ. मुन्ना सिंह की पत्नी डॉ. बीना उर्फ बीनू विक्रम सिंह ने रविवार रात खुदकुशी कर ली। डॉ. बीना पर भी भर्ती में शामिल होने के आरोप थे। हालांकि सुसाइड नोट में डॉ बीना ने खुदकुशी के पीछे बीमारी को वजह बताया है।

महानगर के न्यू हैदराबाद कॉलोनी में शालीमार एस्टेट निवासी डॉ. मुन्ना सिंह ने बताया कि काकोरी केटांढ़खेड़ा गांव में उनका पैतृक आवास है। पत्नी डॉ. बीना सिंह (45) बेटे के संग गांव गई थीं।

रविवार शाम अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद बीना सिंह को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने नींद की गोलियों का ओवरडोज लेकर जान दे दी। डॉ. मुन्ना सिंह का कहना है कि बीना कई साल से डिप्रेशन की शिकार थीं और इसी वजह से उन्होंने जान दी है।

मैं बीमारी से तंग चुकी हूं
सुसाइड नोट में बीना सिंह ने लिखा है-मैं बीमारी से तंग आ चुकी हूं, मैं किसी को परेशान नहीं करना चाहती। पुलिस मेरे बच्चे व पति को तंग न करे।

 

संविदा शिक्षकों की भर्ती के दौरान डॉ. मुन्ना सिंह पर पत्नी डॉ. बीना सिंह से फोन करवाकर घूस मांगने के आरोप लगे थे। एक शिक्षक ने कॉल रिकॉर्ड करके सीडी बना ली थी। मामले की शिकायत राज्यपाल से की गई थी।

राज्यपाल ने डॉ. मुन्ना सिंह को निलंबित कर दिया था। जांच कमेटी ने आवाज की सैंपलिंग के लिए डॉ. बीना सिंह को तीन बार नोटिस देकर बुलाया था। इस बात को लेकर भी आशंका है कि पति को बचाने के लिए ही उन्होंने खुदकुशी कर ली।

स्थानीय पुलिस को नहीं दी सूचना
डॉ. मुन्ना सिंह पत्नी बच्चों के साथ महानगर में रहते थे। ऐसे में डॉ. बीना खुदकुशी करने के लिए अचानक अपने पैतृक आवास क्यों गईं, इसपर सवाल उठ रहे हैं।

काकोरी एसओ रामनरेश यादव का कहना है कि स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई। उन्होंने क्यों नहीं सूचना दी, इससे परिस्थितियां संदिग्ध हो जाती हैं। हम मामले की जांच करेंगे।

 

निलंबित कुलपति की पत्नी ने की खुदकुशी

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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