लखनऊ। प्रियंका गांधी वाड्रा अब अमेठी व रायबरेली में भी चुनाव प्रचार से दूर रह सकती हैं। उनका सोमवार की शाम ही अमेठी व रायबरेली आने का कार्यक्रम था और मंगलवार से प्रचार भी शुरू करना था, लेकिन सोमवार तक जिला प्रशासन के पास उनका कोई कार्यक्रम नहीं आया है।

अमेठी में समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के गठबंधन के बाद अपने ही गढ़ की सीटें हासिल न करने से नाराज प्रियंका गांधी अब प्रचार से दूर रह सकती हैं। उनके पहले से प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक 13 को पहुंचने के बाद 14 व 15 फरवरी को प्रियंका गांधी वाड्रा को रायबरेली में और 16 से 18 को अमेठी में चुनाव प्रचार करना था। सोमवार तक प्रशासन के पास कोई सूचना नहीं थी।

अब प्रियंका गांधी किसी एक दिन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए एक दिन के कार्यक्रम के लिए अमेठी आ सकती हैं।

अमेठी में अमेठी और गौरीगंज सीटों पर समाजवादी पार्टी के साथ ही कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। कांग्रेस पहले मानकर चल रही थी कि समाजवादी पार्टी दोनों सीटें उसके लिए छोड़ देगी। दबाव बनाने के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी भी घोषित कर दिए, लेकिन बात नहीं बनी। वहीं प्रियंका के सामने इस बात की भी चुनौती थी कि जिस गठबंधन का श्रेय प्रियंका को दिया जा रहा है।

प्रियंका अपनी अमेठी की सीट भी नहीं बचा सकीं। इसके अलावा प्रियंका जब चुनाव प्रचार में उतरतीं तो वह तिलोई और जगदीशपुर में तो कांग्रेस को जिताने के लिए कहतीं, लेकिन अमेठी और गौरीगंज में समाजवादी पार्टी के खिलाफ वह कैसे प्रचार करतीं। प्रियंका ने 2012 के चुनाव में भी अमेठी-रायबरेली में जबरदस्त चुनाव प्रचार किया था। रोड शो के साथ ही 31 सभाएं की थीं, लेकिन कांग्रेस के खाते में सिर्फ दो सीट आई थी। उसमें से भी तिलोई से जिस डॉ. मुस्लिम ने जीत हासिल की थी, उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी है।

नाराज प्रियंका गांधी अब प्रचार से दूर रह सकती हैं

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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