सपा में चल रहे घमासान का दर्द प्रवासी दिवस 2017 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बयान किया। उन्होंने कहा कि साल का पहला दिन कैसा गुजरा सिर्फ हम ही जानते हैं।

मुख्यमंत्री बुधवार को गोमतीनगर स्थित एक होटल में दूसरे प्रवासी दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चुनाव के पहले अफसरों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा, पांच साल में अधिकारियों ने हमें पढ़ लिया है तो हमने भी उन्हें पढ़ लिया है।

मुझे पता है कि कौन-सा हथौड़ा और नट-बोल्ट कहां काम करेगा। हम चुनाव में जा रहे हैं और दूसरी बार आएंगे तब हथौड़े का सही जगह इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने 16 प्रवासियों को यूपी भारतीय रत्न पुरस्कार से नवाजा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अफसरों की तारीफ भी की।

उन्होंने कहा कि हमारे पास काम करने वाले अफसर भी हैं। ऐसे अधिकारी हैं जो कम समय में पॉलिसी को जमीन पर उतार सकते हैं। मेट्रो और आगरा-लखनऊ  एक्सप्रेस-वे, समाजवादी पेंशन और लैपटॉप वितरण इसके उदाहरण हैं।

अखिलेश ने विधानसभा चुनाव कार्यक्रम के एलान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इस दिन का सबसे पहले से इंतजार था। अब जनता के बीच जाना है। सरकार का फैसला जनता करेगी।

अखिलेश बोले, यह पहला चुनाव है जब प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि फिर कौन आने वाला है। यह बदलाव का साल है। प्रदेश सही दिशा में जा रहा है। उसी दिशा में जाए तो अच्छा होगा।

अप्रवासियों से गहरा नाता
मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अपनों से जुड़ने का मौका है। प्रदेश में संसाधनों की कमी नहीं है लेकिन सवाल भी बड़े हैं। प्रवासियों के पास देश-दुनिया की दृष्टि है। उनकी मदद से समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

उन्होंने प्रदेश में समाजवादी सरकार द्वारा किए गए काम भी गिनाए। उन्होंने गिरमिटिया समुदाय से सूबे के गहरे रिश्तों का खास तौर से जिक्र किया।

पीएम आए थे, क्या मिला?
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की परिवर्तन रैली का भी जिक्र किया। कहा,प्रधानमंत्री आए तो लोगों को उम्मीद थी कि कुछ देकर जाएंगे, लेकिन क्या मिला? अब लोग तुलना करेंगे कि किसने क्या किया?

अखिलेश का कहना है कि नेताजी के नाम और अपने काम के साथ जाएंगे जनता के बीच मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद मीडिया के सवालों पर कहा कि उन्हें नेताजी (मुलायम सिंह) ने जिम्मेदारी दी थी। उसे निभाया। नेताजी ने आगरा एक्सप्रेस-वे 22 महीने में बनाने को कहा, बनवाया। मेट्रो बनाई। नेताजी का आशीर्वाद मेरे साथ है।

नेताजी केनाम और अपने काम के साथ जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने पारिवारिक विवाद से जुड़े किसी भी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। हर सवाल के जवाब में सरकार की उपलब्धियां ही गिनाईं।

इसके पहले कार्यक्रम में भी सीएम ने परिवार में छिड़े कलह की ओर इशारा किया था। कहा,इस बार नया साल ऐसा बीता कि क्या कहें? हमने तो लोगों से कह दिया कि बधाई न दें।

मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने बताया कि प्रदेश में 1500 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश आया है। इनमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, शहरी विकास आदि क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने प्रवासियों से सरकार की नई स्टार्ट-अप पॉलिसी से जुड़कर योगदान का न्यौता दिया।

आलोक रंजन ने दिखाई बदलते सूबे की तस्वीर
मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन ने प्रवासियों को सूबे के बदलाव की तस्वीर दिखाई। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, आईटी सिटी के साथ सूबे में एक साथ कई जगह मेट्रो के काम के अलावा मुख्यमंत्री के सभी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की जानकारी दी।

लखनऊ में एनआरआई भवन की मंजूरी
प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास रमारमण ने बताया कि प्रवासियों के ठहरने के लिए राजधानी में एनआरआई भवन की मंजूरी दे दी गई है। प्रवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक पोर्टल भी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने सरकारी उपलब्धियों पर तैयार काफी टेबल बुक का लोकार्पण किया और यूपी फाइनेंसियल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट लॉन्च की।

कॉर्पोरेशन को रिक्रूटमेंट एजेंसी के रूप में मान्यता मिली है। यह विदेशों में रोजगार की एजेंसी के रूप में काम करेगी। इससे विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले लोग ठगी से बच सकेंगे।

मॉरिशस जाने के न्यौते का क्या जवाब दें?
मॉरिशस के संस्कृति मंत्री ने मुख्यमंत्री को मॉरिशस आने का आमंत्रण दिया था। सीएम ने कहा कि यदि हां कह दूं तो सोचिए कि लोग क्या मतलब निकालेंगे? चुनाव की घोषणा हो चुकी है।

नए साल का पहला दिन कैसा गुजरा हम ही जानते हैं : अखिलेश

| लखनऊ | 0 Comments
About The Author
-