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वाशिंगटन। एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक ने सुझाव दिया है कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति को पदभार ग्रहण करने के बाद 100 दिन के अंदर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करनी चाहिए, जिससे दोनों देशों के संबंधों के लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश जाएगा।

‘इंडिया-यूएस को-ऑपरेशन’ शीर्षक की एक प्रमुख रिपोर्ट में सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्ट्डीज (सीएसआईएस) ने लिखा है कि आने वाले नए अमेरिकी प्रशासन को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि भारत उन मूलभूत समझौतों पर हस्ताक्षर करे जिससे दोनों देशों के रक्षा संबंधों में मजबूती आएगी।

अमेरिकी थिंक टैंक का मानना है कि अगर इस तरह के समझौते नहीं होते हैं तो इससे अमेरिका के लिए यह अंसभव हो जाएगा कि वह भारत को आधुनिक सेंसिग, कम्प्यूटिंग और संचार तकनीक प्रदान कर सके, जिसकी भारत को अपनी रक्षा ताकत के लिए सर्वाधिक जरूरत है।

सीएसआईएस ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि अमेरिका और भारत को परस्पर पनडुब्बी सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी युद्ध के प्रयासों सहित संयुक्त प्रशिक्षण और कार्यक्षमता का विस्तार करना चाहिए। रक्षा के क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई के लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा के क्षेत्र में भी बातचीत गहरी होनी चाहिए।

सीएसआईएस ने कहा है कि मोदी का उदय एक शक्तिशाली नेता के रूप में हो रहा है इसलिए अमेरिका को एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिए फिर से अपनी रणनीति को मजबूत और संतुलित करने की जरूरत है। अमेरिका को शक्तिशाली नेता के रूप में उभर रहे मोदी के साथ लगातार बात करने का अवसर होगा।

इस रिपोर्ट के हवाले से थिंक टैंक ने कहा है, ‘आने वाले नए प्रशासन को अमेरिकी गृह विभाग और विदेश मंत्रालय के जरिए आस्ट्रेलिया, भारत और जापान के साथ बेहतर सुरक्षा संबंध स्थापित करने चाहिए। यह बातचीत प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्रों में साझा हितों पर आधारित होनी चाहिए।’

रिपोर्ट में कहा गया है कि ओबामा पीएम मोदी के साथ अमेरिकी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले गए। भारत के साथ अमेरिका के संबंध बेहतर होने के साथ सुरक्षा मामलों पर केंद्रित रहे हैं।

 

नए अमेरिकी राष्ट्रपति को 100 दिनों के अंदर मोदी से मिलना चाहिएः US थिंक टैंक

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