नई दिल्ली। 2005 में राजधानी दिल्ली में धनतेरस के दिन हुए सीरियल ब्लास्ट केस में दिल्ली की अदालत आज सजा सुना सकती है। सरोजनी नगर और पहाड़गंज इलाकों में हुए इन धमाकों में 210 लोग घायल भी हुए थे। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट गुरुवार दोपहर 12 बजे तक फैसला सुना सकती है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितेश सिंह सोमवार को ही फैसला सुनाने वाले थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए गुरुवार का दिन तय किया था। इस मामले में तारिक अहम डार, मोहम्मद हुसैन फाजिली और मोहम्मद रफीक शाह आरोपी है। आतंकवादी हमले में 63 व्यक्तियों की मौत हुई थी।

अदालत ने 2008 में हादसे के मुख्य साजिशकर्ता डार और अन्य पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, साजिश रचने, हथियार इकट्ठा करने, हत्या और हत्या की कोशिश के आरोप तय किए थे।

दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र में डार के फोन कॉल का ब्योरा दिया गया था और कथित तौर पर साबित किया गया था कि वह लश्कर-ए-तैयबा के संपर्क में था। पुलिस ने अक्टूबर 2005 में तीन जगहों- सरोजिनी नगर, कालकाजी और पहाड़गंज में हुए विस्फोटों के सिलसिले में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी।

दिल्ली ब्लास्ट केसः 12 साल बाद आज आएगा फैसला

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